मानवाधिकार दिवस पर लखनऊ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेमीनार का हुआ आयोजन।
मानवाधिकार दिवस पर लखनऊ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेमीनार का हुआ आयोजन।

आशीष तिवारी की रिपोर्ट:-
लखनऊ:- विश्वविद्यालय के विधि संकाय की प्रतिष्ठित संस्था विधिक सहायता केंद्र द्वारा उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग व सिटी अकैडमी लॉ कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर के अवसर पर विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। जिसका विषय डिजिटल युग में मानव अधिकार था। सेमिनार का आयोजन विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ0 बी0डी0 सिंह एवं विधिक सहायता केंद्र के चेयरपर्सन डॉ0 आलोक कुमार यादव के मार्गदर्शन से किया गया। सेमिनार के मुख्य अतिथि जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव चेयरपर्सन उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने सेमिनार का शुभारंभ मां भगवती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण करते हुए किया व उपस्थित छात्रों को मानवाधिकार के आधारभूत ढांचे व दिवस की महत्ता के बारे में विस्तार पूर्वक संबोधित किया। श्रीवास्तव ने 20 वीं सदी के दो विश्व युद्धों के बारे में जिक्र करते हुए बताया कि इससे सबसे ज्यादा आम नागरिक प्रभावित थे। उन्होंने बताया कि राज्य के नीति निर्देशक तत्व व मौलिक अधिकार दोनों एक साथ मिलकर मानवा अधिकार के रूप रेखा तय करते हैं। सेमिनार के मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित प्रोफेसर बी0बी0 पांडे ने बढ़ती सामाजिक एवं आर्थिक असमानता से लड़ने के लिए सूचना को संशोधित करके समस्याओं को हल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार को राज्य एजेंसियों से ज्यादा जाती पदानुक्रम उसे खतरा है।
आगे बढ़ते हुए पांडे ने लखनऊ विश्वविद्यालय के विधिक सहायता केंद्र से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा उपलब्ध कराने के दौरान एक मजदूर से भेंट हुई। जिसके परिजन को गलत तरीके से कारावास में बंद करके रखा गया था। जिसे विधिक सेवा केंद्र ने बाहर लाने में मदद किया था। अंत में उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संविधान दिवस के अवसर पर संबोधन का जिक्र किया। जिसमें उन्होंने राज्य के गृह मंत्रालय के एक समिति के साथ काम करते वक्त जेल में बंद कैदियों के बारे में बताया था। सेमिनार का समापन विधिक सेवा केंद्र के चेयरपर्सन डॉ0 आलोक कुमार यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया समापन के तत्पश्चात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रेम प्रकाश ने विधि संकाय स्थित विधिक सेवा केंद्र का निरीक्षण कर हर संभव मदद करने का भरोसा दिया।
