श्रद्धालुओं ने सुना त्रिलोकी नाथ दास महाराज का प्रवचन।

सुरेंद्र कुमार द्विवेदी (झांसी)
झांसी जिले के अंतर्गत आने वाले मऊरानीपुर तहसील के स्वामी वेदानंद ज्ञान एवं कौशल संस्थान विद्यालय खिलारा में परिक्रमा मार्ग कामदगिरी चित्रकूट से पधारे त्रिलोकीनाथ दास महाराज ने एक दिनी प्रवचन में बताया कि जिस प्रकार विवाह के दौरान दूल्हे को हल्दी लगाई जाती है। उसी प्रकार भगवान महाकालेश्वर को भी हल्दी लगाई जाती है। केसर व हल्दी से भगवान महाकालेश्वर का अनूठा श्रृंगार किया जाता है। शिव नवरात्रि के 9 दिन दूल्हा स्वरूप में होने वाले राजाधिराज बाबा महाकाल के श्रृंगार के दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। प्रवचन के दौरान धनुषधारी मंदिर के पुजारी बिसंवरदास महाराज, रामशरण मिश्रा, राकेश पाण्डेय, अंबिका प्रसाद मिश्रा, योगेन्द्र द्विवेदी, श्रीकांत शर्मा, संतोष कुमार, रमेशचंद्र द्विवेदी, राजेन्द्र द्विवेदी, सुरेन्द्र द्विवेदी, राजेन्द्र मिश्र, संदीप मिश्रा, हरेंद्र मिश्रा, सुरेश चंद्र, दीपांशु मिश्रा, दिव्यम द्विवेदी, गोपाल महाराज, भगवत, अनिल, कृष्ण कांत, रविकांत विश्वकर्मा, अमरे कुशवाहा, परमलाल, तुलसीदास, चंद्र प्रकाश, बब्लू तिवारी,धर्मदास कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
