अवैध निर्माण पर कसेगा शिकंजा, एक मई से लागू होगी ई-कोर्ट व्यवस्था।

अवैध निर्माण पर कसेगा शिकंजा, एक मई से लागू होगी ई-कोर्ट व्यवस्था।

जीत नारायण

लखनऊ:- लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ० इन्द्रमणि त्रिपाठी ने प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश।

30 अप्रैल तक प्रवर्तन साॅफ्टवेयर पर अपलोड करने होंगे अवैध निर्माण से सम्बंधित सभी वाद, कार्य में लापरवाही होने पर सम्बंधित पेशकार के खिलाफ होगी कार्यवाही।

उपाध्यक्ष ने जोनल अधिकारियों को दिये निर्देश, बीते मंगलवार को अपनी-अपनी कोर्ट का निरीक्षण करके बुधवार को प्रस्तुत किया गया निरीक्षण रिपोर्ट

शहर में अवैध निर्माण/प्लाटिंग पर शिकंजा कसने के लिए अब एलडीए के विहित न्यायालयों में दर्ज अवैध निर्माण के मुकदमों की सुनवाई ई-कोर्ट के माध्यम से होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ० इन्द्रमणि त्रिपाठी ने ई-कोर्ट व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए एक मई की तारीख निर्धारित की है। सोमवार को उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा बैठक में इस बाबत निर्देश जारी किये हैं।

इसके अंतर्गत सभी प्रवर्तन जोन में दर्ज अवैध निर्माण/प्लाटिंग के वादों को 30 अप्रैल तक प्रवर्तन साॅफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने निर्देशित किया है कि इस कार्य में कोताही बरतने पर सम्बंधित पेशकार के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष डाॅ० इन्द्रमणि त्रिपाठी ने अवैध निर्माण/प्लाटिंग के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के अंतर्गत अभी तक की गयी कार्यावाही का ब्योरा लिया। उन्होंने निर्देश दिये कि आवासीय भू-उपयोग के विरुद्ध जो भी व्यवसायिक निर्माण हो रहे हैं, उनके खिलाफ शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर शत प्रतिशत कार्यवाही की जाए। इसके अलावा वर्तमान में प्रचलित अवैध निर्माणों को तुरंत रोका जाए और नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाए। उन्होंने कहा कि सभी जोनल अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे साप्ताहिक रूप से सील बिल्डिंगों की माॅनिटरिंग कराएं और स्थल की फोटो के साथ डिजिटल डायरी तैयार कराकर प्रत्येक सप्ताह इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

अवैध वसूली के उद्देश्य से शिकायत करने वालों को करें चिन्हित।

उपाध्यक्ष ने जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध निर्माण के सम्बंध में आईजीआरएस पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का गुणवत्ता परक निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। इसमें यह भी ध्यान रखा जाए कि यदि किन्हीं व्यक्तियों द्वारा गलत उद्देश्य से अनावरत रूप से अनर्गल अथवा भ्रामक शिकायतें की जा रही हैं तो ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि अगर इस फर्जीवाड़े में प्राधिकरण के किसी कर्मचारी/अभियंता की संलिप्तता पायी जाती है तो सम्बंधित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने प्रवर्तन में तैनात अभियंताओं को हिदायत देते हुए कहा कि अवैध वसूली में संलिप्त रहने वाले लोगों को किसी भी प्रकार से बढ़ावा न देते हुए अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करें।

अपनी-अपनी कोर्ट का निरीक्षण कर सौंपे रिपोर्ट – डॉ० इंद्रमणि त्रिपाठी

उपाध्यक्ष डाॅ० इन्द्रमणि त्रिपाठी ने सभी जोनल अधिकारियों/विहित प्राधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे मंगलवार को अपनी-अपनी कोर्ट का निरीक्षण करें। इसके अंतर्गत सभी लंबित वादों की समीक्षा करने के साथ ही 1 अप्रैल 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 तक सील किये गये अवैध निर्माणों की रिपोर्ट तैयार करके बुधवार को उनके समक्ष प्रस्तुत करें। उपाध्यक्ष ने कहा कि सील किये गये अवैध निर्माणों में से जो प्रकरण आवासीय भू-उपयोग में व्यवसायिक निर्माण के हैं, इनका ब्योरा अलग से प्रस्तुत किया जाए। बैठक में जोनल अधिकारी प्रिया सिंह, रामशंकर, नजूल अधिकारी अरविंद त्रिपाठी, देवांश त्रिवेदी एवं श्रद्धा चौधरी समेत प्रवर्तन के सभी अभियंता एवं पेशकार उपस्थित रहे।

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