वाहन चोरी करने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश, 3 आरोपी धरे गए, 17 दोपहिया वाहन व मास्टर की हुई बरामद।

जीत नारायण

लखनऊ:- अलग अलग स्थानों से वाहन चोरी करने तथा कूट रचित नम्बर प्लेट बदलने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 3 शातिर वाहन चोरों को थाना कृष्णानगर की पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक मास्टर की तथा 17 चोरी के वाहन भी बरामद हुए हैं।

आपको बता दें थाना कृष्णानगर क्षेत्र के अन्तर्गत लोकबन्धु अस्पताल व कोचिंग सेन्टरों के आसपास हो रही दो पहिया वाहन चोरी की रोकथाम के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर के नेतृत्व में टीम गठित की थी। गठित टीम सोमवार को लोकबन्धु चौराहे के पास मौजूद होकर चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि 3 लड़के चोरी की स्कूटी UP 32FA 6525 को लेकर शकुन्तला प्लाजा के पीछे स्कूटी को बेचने की फिराक में खड़े हैं। तभी पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनो लड़कों को चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ लिया। पुलिस ने तीनों से नाम और पता पूछा तो स्कूटी चला रहे लड़के ने अपना नाम दीपक शर्मा उम्र 22 वर्ष पुत्र नरेन्द्र शर्मा, पता 556/90 जय प्रकाश नगर, बाला चक्की के पास, नटखेडा, थाना कृष्णानगर, लखनऊ, स्कूटी सवार दूसरे लड़के ने अपना नाम अंश सिंह उम्र 18 वर्ष पुत्र विनोद सिंह, निवासी मूल रूप से नेपाल देश हाल पता मेहंदी खेड़ा, पप्पू यादव के मकान के बगल में, पवन यादव के घर में किराए पर थाना मानक नगर, लखनऊ व तीसरे लड़के ने अपना नाम प्रियांशू कश्यप उम्र 21 वर्ष पुत्र बसन्त कश्यप निवासी 56/5 कांशीराम कालोनी,थाना पारा, लखनऊ बताया। जब पुलिस ने कड़ी पूछताछ की तो पूछताछ करने पर तीनों लड़कों ने बताया कि यह स्कूटी करीब 3-4 दिन पहले हम तीनों लोगों ने मिलकर रात में लोकबन्धु अस्पताल के इमरजेन्सी वार्ड के पास से चुराई थी। पुलिस ने पकड़े गए तीनों लड़कों से पूर्व में लोकबंधु अस्पताल व आस-पास हुई दो पहिया वाहनों की चोरी के सम्बन्ध में पूछताछ की तो आरोपी दीपक ने बताया साहब हम तीनों लोगों ने मिलकर काफी बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चोरी कर चुके हैं, जिनकी संख्या हम लोगों को याद नहीं है। चोरी किए गए कुछ वाहनों को हम लोगों ने बेचने के इरादे से कांशीराम कालोनी के पीछे झाडियों में छिपा रखा है जो अभी बेच नहीं पाये हैं।

जिसके बाद सभी पुलिस वाले तीनों आरोपियों को लेकर कांशीराम कालोनी के पीछे पहुंचकर झाड़ियों के पास से आरोपियों की निशानदेही पर 3 स्कूटी व 9 मोटर साईकिल झाड़ियों से निकालकर बाहर खड़ी किया। वहीं चार मोटरसाइकिल अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वाहन चेकिंग के दौरान छोड़कर लापता हो गए थे। कड़ाई से पूछताछ पर आरोपी दीपक ने बताया कि मैं अपनी गर्लफ्रेण्ड के शौक पूरे करने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड के छोटे भाई व उसके दोस्त को साथ लेकर दोपहिया वाहन चोरी करता था। चोरी के वाहन बेचने के बाद जो पैसा मिलता था उन पैसों से गर्लफ्रेंड को महंगे गिफ्ट खरीदकर देता था। आरोपी अंश सिंह मूलतः नेपाल का रहने वाला है वह अपने परिवार के साथ मानकनगर में रह रहा था। पुलिस इसके आपराधिक इतिहास के सम्बन्ध में नेपाल से भी जानकारी कर रही है। आरोपियों के पास से गाड़ियों के लॉक खोलने के लिये मास्टर KEY भी मिली है। अभियुक्तगणों के द्वारा धोखाधड़ी व कूटरचना करने के उद्देश्य से नम्बर प्लेट बदली गई थी व पुरानी हटा दी गयी थी। बरामद वाहनों पर फर्जी नम्बर प्लेटों के आधार पर धारा 411/413/420/465/379 भादवि पंजीकृत किया गया है तथा मुअसं 167/23 व 264/23, 270/23, 495/22 में धारा 411 भादवि की बढ़ोत्तरी गयी है। इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। इनके द्वारा अपना व अपने परिवार के आर्थिक व भौतिक लाभ हेतु गैंग बनाकर चोरी की जा रही थी। इन आरोपियों पर भविष्य में गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की जाएगी। बताते चलें तीनों आरोपी वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर वाहन छोड़कर मौके से लापता हो जाते थे।

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना कृष्णानगर के वरिष्ठ उपनिरीक्षक नईम अहमद, उप निरीक्षक नीरज कुमार द्विवेदी, अजीत कुमार पाण्डेय, विजय प्रताप सिंह, अंकित कुमार, गजेन्द्र सिंह, हरिकिशन यादव, मुख्य आरक्षी अभिजीत कुमार, आरक्षी योगेन्द्र सिंह, प्रदीप यादव, नितिन कुमार, नेमचन्द्र, सुनील कुमार आदि शामिल रहे।

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