श्रीमद् भागवत कथा सुनने से महा पापियों का उद्धार हुआ-शास्त्री

अनुज श्रोत्रिय
झांसी:- गायत्री मंदिर प्रांगण रानीपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित प्रदीप कृष्ण शास्त्री वृंदावन धाम ने श्रोताओं को श्रीमद् भागवत कथा का रसास्वादन कराते हुये कहा कि साधुओं की क्षणिक संगति भी फलदायक होती है तथा उत्तम फल प्रदान करती है। वही कुसंगति मानव का जीवन कष्टदायक बना देती है। तथा दोनों लोको को बिगाड़ देती है। उन्होंने पापी धुंधकारी तथा महा ज्ञानी गोकर्ण की कथा का मार्मिक वर्णन किया। पूर्व जन्मों के अच्छे कर्मों से कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। कथा की समाप्ति पर पारीछत के रूप में उपस्थित मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पा डॉक्टर प्रमोद खरे ने महापुराण की आरती उतारी। इस अवसर पर देवेंद्र कुमार खरे, भागचंद साहू बीडीसी, मुन्नालाल साहू, रमेश चंद्र सीरोठियां, बाबूलाल अध्यापक, पन्नू कुशवाहा, हरिराम बहरे, जगदीश साहू, डॉक्टर चंद्रमणि सिंह परिहार, आदि उपस्थित रहे।
