कटेरा नगर पंचायत की उदासीनता से गंदे नाले में तब्दील होता जा रहा गेवड़ा तालाब

अरविंद आर्य

झाँसी:-कस्बा कटेरा के बीचों बीच बना गेवड़ा तालाब नगर पंचायत प्रशासन की उदासीनता का शिकार हो गया जहाँ एक ओर सरकार तालाबों को संरक्षित करने पर लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है वहीं नगर पंचायत कटेरा प्रशासन सरकार की ऐसी योजनाओं पर पलीता लगाने में जुटा हुआ है ऐसे में सरकार के प्रयास कैसे फलीभूत होंगे यह समझ से परे है नगर के बीचों बीच बना गेवड़ा तालाब जो चारों ओर से मुहल्ला सुरईपुरा, झड़ियापुरा, तालपुरा, नई बस्ती से घिरा है यहीं के निवासियों ने इसमें कचरा डाल डाल कर उसका स्वरुप ही बदल दिया है अब हाल यह है की 15 साल पहले आधी आबादी जिस तालाब के पानी का उपयोग करती थी आज उस तालाब का पानी छूने लायक भी नहीं बचा है तालाब के चारों ओर लोगों ने बीस बीस फुट अतिक्रमण कर लिया है कई लोगों ने तो अतिक्रमण कर मकान तक बना लिए हैं पूरे तालाब में बेसरम नामक जहरीले पौधे उग आये हैं जिससे पानी हरा और दुर्गन्ध युक्त हो गया है तालाब की दुर्दशा पर नगर पंचायत ने कभी ध्यान ही नहीं दिया जिससे दिनों दिन तालाब का आकार कम होकर गंदे नाले में तब्दील होता जा रहा है जबकि उसी तालाब में मछली पालन होता है जिसका हर दस वर्ष में लाखों का ठेका होता है लेकिन उस पैसे में से नगर पंचायत ने तालाब की हालत सुधारने के लिए एक ढेला भी नहीं लगाया है बतादें की अभी कुछ माह पहले ही तालाब में मछली पालन का सोलह लाख का ठेका हुआ है जिससे एक चौथाई चार लाख रुपया नगर पंचायत को आय हुई है लेकिन नगर पंचायत प्रशासन तालाब की हालत सुधारने के लिए एक कोंडी खर्च करने को तैयार नहीं है लोगों का दर्द है कि नगर के जन प्रतिनिधियों के उदासीन रवैया के कारण सालों साल पुराना तालाब यूं ही अपना स्वरुप खो जायेगा किसी ने सोचा नहीं था क़स्बाइयों ने जिलाधिकारी झाँसी से तालाब की साफ सफाई एवं लोगों द्वारा कूड़ा डाले जाने से रोकने के लिए नगर पंचायत प्रशासन को आदेश दिये जाने की मांग की है।

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