कब मिलेगा ? गंगा एक्सप्रेस वे में मनोज यादव की अधिग्रहित जमीन पूर्ण भुगतान नही
कब मिलेगा ? गंगा एक्सप्रेस वे में मनोज यादव की अधिग्रहित जमीन पूर्ण भुगतान नही
राजेश द्विवेदी
उत्तर प्रदेश। जिस एक्सप्रेस वे को जल्द से जल्द और मजबूत बनाने का दावा कर सपा और भाजपा सरकार प्रदेश में विकास की बात कर रही है । उसी गंगा एक्सप्रेस वे बनाने के दौरान किसान से अधिग्रहित की गई जमीनों का पूर्ण मुआवजा आज तक किसान को नहीं मिला है। आठ माह से लगातार अपने बकाए भुगतान को लेकर पीड़ित मनोज यादव जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहा है। लेकिन अभी तक उसके मुआवजा का भुगतान नहीं हुआ है मजेदार बात यह है कि एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया और लोगों का आवागमन भी जारी हो गया है। लेकिन जिसकी जमीन पर सरकार अपने विकास की बात कह रही है वह अपने मुआवजे के लिए तरस रहा है। शिकायती पत्र में मनोज यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे में कमरा तथा बोरिंग का मुआवजा दिलाये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी रायबरेली को पत्र लिखा है। जिसमे कहा है की उसके पिता के नाम ग्राम रमुवापुर दुबई परगना खीरों तहसील लालगंज, रायबरेली की खाता सं0 123 भूमि सं० 1260/0.3000 हे0 भूमि संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज है। जिसके आंशिक भाग से गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है। जिसमें प्रार्थी का कमरा व बोरिंग स्थित थी। उक्त भूमि अधिगृहण किये जाने के बाद भूमि का भुगतान प्रार्थी को किया जा चुका है, परन्तु कमरा व बोरिंग की क्षति का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है, जबकि भूमि पर स्थित कमरा व बोरिंग को हटाकर उसके स्थान पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। प्रार्थी ने इस सम्बन्ध में पूर्व में दिनांक 01.03.2023 प्रार्थना-पत्र दिया था, परन्तु अभी तक कोई सुनवायी नहीं हुयी है।
दिनांक: 12.07.2023 को फिर से पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उसकी खाता सं0 123 भूमि सं0 1260/0.3000 हे0 में से अधिगृहीत भूमि पर स्थिति कमरा व बोरिंग के नुकसान का मुआवजा भुगतान करवाने की बात लिखी है ।
