उर्स के आखरी दिन आमिल आरिफ साबरी और तनवीर कौसर ने बांधा समा

अनुज श्रोत्रिय
झांसी/टहरौली: उर्स के आखरी दिन मेरठ से आये आमिल आरिफ साबरी ने अपनी कब्बालियों से जनता को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। गुराई टौरिया पर आयोजित उर्स में कब्बालों ने पूरी रात समा बांधे रखा। यहां 12 वें उर्स का आयोजन किया जा रहा है। हजरत बाबा याशीन शाह रहमतुल्लाह अलैह के स्थान पर यह उर्स पिछले 11 बर्षों से निरंतर आयोजित किया जाता रहा है, कार्यक्रम का आज दूसरा दिन था। उर्स में मशहूर कब्बाल जुनैद सुल्तानी बदायूं, तनवीर कौशर बुरहान पुर, आमिल आरिफ साबरी मेरठ ने मुसलसल कब्बालियों से समा बांधे रखा। इस मौके पर आए अतिथियों में महंत सुखदेव दास त्यागी, रजनी गौतम सदस्य जिला पंचायत बघेरा, जितेन्द्र पटेल सदस्य जिला पंचायत भस्नेह, रिंकू दीक्षित, आशीष उपाध्याय, रवि नायक आदि उपस्थित रहे। रजनी गौतम ने कहा कि हिन्दू, मुस्लिम कोई भी हो, किसी जाति मजहब का हो, हमारे खून का रंग समान है और ऊपर बाले ने हमें बराबर बनाया है। इसलिये हमें भाई चारे के साथ रहना चाहिये। सुखदेव दास त्यागी ने कहा कि भारत के सभी बाशिन्दों को इस देश की तरक्की पर ध्यान देना चाहिये जिससे सब जुड़े हुए हैं, जितेन्द्र पटेल ने कहा कि हमें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है। इस मौके पर मुराद खान रनयारा, हाजी गफूर खान घुरैया, रहमान खान मंसूरी, बशीर खान मंसूरी, डॉ पीर मुहम्मद बड़ागांव, मान खां सितौरा, डॉ दुलार अहमद, असरफ खान, सारिक अली, हाजी जहीर खान, कमर अहमद, हाजी गफूर खान, मुख्तयार अहमद, जगतपाल मिश्रा, संजीव जैन, सुखलाल कुशवाहा, अनुराग खरे, जनक पटेल, अमित शर्मा, परवेज रजा, कमर खान, गुलाब खान, अहसान खान, शहीद खान धवारी, लल्लू कंडक्टर धवारी, मोनू तिवारी, इमरान खान, मुन्ना पेप्सी, अफसर खान, जाकिर खान, दिलदार खान, शोयब खान आदि सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।
