डीसीपी पश्चिमी की क्राइम टीम व थाना काकोरी पुलिस ने धर्मेन्द्र पाल की हत्या के चार आरोपियों को किया गिरफ्तार।

अभिषेक कुमार की रिपोर्ट
काकोरी। थाना काकोरी व डीसीपी पश्चिमी क्राइम टीम की संयुक्त पुलिस टीम ने बीते दिनों हुई धर्मेन्द्र पाल की हत्या की घटना का खुलासा करते हुए 1 देसी पिस्टल .32 बोर, एक खोखा कारतूस .32 बोर व एक जिंदा कारतूस .32 बोर व घटना में उपयोग की गई अपाचे मोटर साइकिल UP 32 LZ 4694 सहित हत्या के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आपको बता दें काकोरी के ग्राम बेहटा निवासी धर्मेंद्र पाल जोकि प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। जिसका धंधा तेजी से उभर रहा था। धर्मेन्द्र का सहयोगी नीरज यादव उर्फ पुजारी जो कि ब्रोकर के रूप में काम कर रहा था। लेकिन धर्मेन्द्र ने नीरज यादव को बिना बताए धीरे धीरे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर नीरज यादव उससे नाराज रहने लगा। उसने कई बार धर्मेन्द्र को ऐसा न करने के लिए धमकाया भी था। लेकिन धर्मेन्द्र ने नीरज की धमकी को अनसुना कर दिया और अपना खुद का प्रॉपर्टी डीलिंग का ऑफिस खोल लिया। धर्मेन्द्र को उसके व्यवसाय में अच्छा खासा मुनाफा भी होने लगा था। पेशे से वकील होने के कारण धर्मेन्द्र अच्छी तरह से कस्टमर को प्रभावित कर लेता था। इन कारणों से नीरज यादव उर्फ पुजारी का व्यवसाय प्रभावित होने लगा था।
घटना के लगभग 6 माह पूर्व जिस जगह पर नीरज यादव की प्लाटिंग चल रही थी उसके ठीक बगल में ही ननकू की जमीन को धर्मेन्द्र पाल ने खरीद लिया था। इस जमीन को खरीदने के लिए नीरज ने अपने सहयोगी सरवन यादव को नक के पास भेजा था लेकिन जब तक सरवन सौदा तय कर पाता तब तक धर्मेन्द्र ने उस जमीन का एग्रीमेंट करा लिया था। इस दौरान दोनों के बीच काफी अनबन हो गई थी। इसी क्रम में जनवरी माह में ननकू के भाई मटरू की पत्नी को निजी कार्य हेतु अपनी जमीन बेचनी पड़ रही थी, यह जमीन भी नीरज के प्लाटिंग वाली जमीन के पास थी जिसे नीरज यादव हर कीमत पर खरीदना चाहता था। लेकिन नीरज यादव की आम शोहरत अच्छी न होने के कारण मटरू की पत्नी ने नीरज को वह जमीन नहीं बेची और धर्मेन्द्र को एग्रीमेंट कर दिया। इससे नीरज और धर्मेन्द्र के बीच काफी विवाद हो गया। सरवन भी लगातार धर्मेन्द्र को धमका रहा था कि तुम इस सौदे से पीछे हट जाओ लेकिन धर्मेन्द्र तैयार नहीं हुआ। तब नीरज और सरवन ने उसे अंजाम भुगतने को तैयार रहने की धमकी दी। यह बात मृतक धर्मेन्द्र पाल अपनी पत्नी को दो दिन पहले बता चुका था। जिसे उसकी पत्नी ने एक पर्ची पर नोट कर के रख लिया था।
शिवा यादव जोकि नीरज यादव के साथ रहता था और गोलू यादव जिसे नीरज ने गांव का प्रधान बनाने का प्रलोभन दिया था उनको बुलाकर धर्मेन्द्र पाल को रास्ते से हटाने के लिए आदेश दिया और सरवन को यह जिम्मेदारी दी कि वह इन दोनों को सुरक्षित मौके से निकाल ले। सरवन ने गोलू और शिवा को लेकर मौके पर पहुंचकर शिवा को पिस्टल एवं कारतूस मुहैया करवाया। शिवा और गोलू धर्मेन्द्र पाल के ऑफिस पर पहुंचे जहाँ धर्मेन्द्र कार में बैठकर किसी से बात कर रहा था। शिवा कार में पीछे बैठा गया था और गोलू आगे धर्मेन्द्र के पास चालक की सीट के बगल में बैठ गया था। गोलू धर्मेन्द्र से बात करने लगा कि तुम ने नीरज भईया के काम में क्यों टांग अड़ाई। तब तक शिवा ने जो धर्मेन्द्र के पीछे बैठा था उसने धर्मेन्द्र को गोली मार दी। घटना में भ्रम पैदा करने के लिए कार में एक 315 बोर का तमंचा रखकर आरोपी फरार हो गए ताकि पुलिस का ध्यान भटक जाये।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व निवास
शिवम यादव उर्फ शिवा यादव उम्र 20 वर्ष पुत्र रोशन लाल यादव निवासी मकान नंबर 555/9 मेंहदी खेड़ा थाना मानक नगर, हिमांशु यादव उर्फ गोलू यादव उम्र 23 वर्ष पुत्र शिव बालक यादव निवासी बेहटा थाना काकोरी, सरवन यादव उम्र 28 वर्ष पुत्र कुन्दन यादव निवासी इलागंज मजरा बेहटा थाना काकोरी, नीरज यादव उर्फ पुजारी उम्र 30 वर्ष पुत्र मुन्ना लाल यादव निवासी मधवापुर बेगरिया थाना ठाकुरगंज हैं।
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम
गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना काकोरी के प्रभारी निरीक्षक विजय यादव, अति० निरी० राजवीर सिंह, उप निरीक्षक हरिदास चौरसिया, हेड कांस्टेबल अजय कुमार, संतोष कुमार, जितेन्द्र सिंह, नवनीत शुक्ला, कांस्टेबल अजय कुमार, अजीत कुमार व सर्विलांस टीम के प्रभारी निरीक्षक राजदेव प्रजापति, हेड कांस्टेबल विनय सिंह, गोविंद, एवं क्राइम टीम के उप निरीक्षक मारूफ, हेड कांस्टेबल जीत सिंह, दिलीप, कांस्टेबल मधुरेन्द्र प्रताप सिंह शामिल रहे।
