किसान के बेटे ने मेहनत कर यूपीएससी में लाई एआईआर 19 रैंक: परिवार में ख़ुशी की लहर

 

किसान के बेटे ने मेहनत कर यूपीएससी में लाई एआईआर 19 रैंक: परिवार में ख़ुशी की लहर

जीत नारायण

पारिवारिक पृष्ठभूमि विवरण-

मेरे पिताजी सेना से सेवानिवृत्त होके खेती किसानी करते हैं, माता जी गृहिणी हैं। बड़ा भाई सबसे पहले मेहनत करके ओएनजीसी में साइंटिस्ट बना, फिर बहन ने मेहनत करके मेडिकल ऑफिसर बनी यूपी सरकार में इसी के साथ मेने अपने माता पिता की कड़ी मेहनत को देखते हुए और अपने बड़े भाई बहन से मार्गदर्शन लेके अपनी मेहनत शुरू की और पहली बार में ही यूपीएससी संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा, 2023 में सफ़लता पूर्व AIR 19 रैंक लाई और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय में वैज्ञानिक (हाइड्रोजियोलॉजी) समूह ‘ए’ राजपत्रित अधिकारी बना।

परिवार की आर्थिक स्थिति-

मैं सामान्य किसान परिवार से आता हूं, हमारे यहां शुरू से ही आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी कभी नहीं रही थी, इसी के साथ ही मेरे पिता जी ने आर्मी से रिटायर होने के बाद, खेती किसानी के साथ कड़ी मेहनत करके हम तीनों भाई बहन को लखनऊ में किराय पर रह कर पढ़ाया और काफी अच्छी शिक्षा दी, जिसके वजह से, आज हम तीनों भाई बहन अपने-अपने विभाग के शीर्ष पर हैं।

बुनियादी शिक्षा- कक्षा 12वीं की पढाई

मैंने के.वी. गोमती नगर लखनऊ से की, उसके बाद मैंने बी.एससी. बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी (2020 पास-आउट) से यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में किआ।
फिर मैंने आईआईटी-जेएएम का एग्जाम क्लियर किया और आईआईटी भुवनेश्वर से एमएससी पूरी की (2022 पास-आउट) इसी के साथ मैंने 2022 में सीएसआईआर यूजीसी नेट जेआरएफ का भी एग्जाम क्वालिफाई किया (एआईआर-09) के साथ इसी के साथ में यूपीएससी संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा, 2023 दीया और एआईआर 19 रैंक लाई और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय में वैज्ञानिक (हाइड्रोजियोलॉजी) ग्रुप ‘ए’ राजपत्रित अधिकारी बना और अपने माता पिता के आशीर्वाद के साथ ही साथ अपने भाई बहन के मार्गदर्शन की बादोलत आज मैंने ये सफ़लता पाई। इसके साथ ही मेरे मित्रों का भरोसा हमेशा मेरे ऊपर बना रहा।

शिक्षा के दौरान किस प्रकार की समस्याएँ आती हैं-

सबसे बड़ी समस्या मुझे शुरू में ये रही कि मुझे कुछ भी पढ़ने का मन नहीं करता था, चीज याद तक नी हो पाती थी क्योंकि बचपन से पढ़ाई लिखाई में मैं एकदम अच्छा नहीं था और मेरे विज्ञान के विषय सबसे कमजोर थे, मगर मैंने समय के साथ बीएससी में जाते ही अपने आप को बदलना शुरू कर दिया।
और परिनाम आज हम सबके सामने है।

सफलता की कहानी और प्रेरणा-

मेरी जिंदगी की कहानी एकदम रोलर कोस्टर की तरह रही है इसमें बहुत उतार चढाव आए। मेने अपनी 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने का पूरा मन बना लिया था क्योंकि मुझे पढ़ाई में कुछ भी समझ नहीं आता था लेकिन कैसे करके मेने एडमिशन लिया और 11वीं में फिर फेल हो गया, फिर मैंने अपनी जान लगा के मेहनत की और बड़ी मुश्किल से 12वीं पास की उसके बाद मैंने पढ़ाई लिखाई छोड़ दी और खेती किसानी के काम करने लगा और पूरी पढ़ाई छोड़ दी मगर उसके बाद मेरे हालात और खराब होने लगे फिर ये सब देख के मेरे बड़े ने मुझे काफी कुछ समझाया और सलाह दी फिर मैंने अपने बड़े भाई की सलाह पर मैंने फिर से कड़ी मेहनत शुरू की और काफी कड़ी मेहनत करने के बाद मुझे ये सफलता मिली। इस पूरी यात्रा में मेरे बड़े भाई का साथ हमेशा मेरे साथ रहा मेरे हर बुरे और अच्छे वक्त में और मेरे माता पिता का भरोसा भी हमेशा मेरे साथ रहा।

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