अग्निशमन विभाग ने आज से बचाव के बताए उपाय

जीत नारायण

लखनऊ:- अग्निशमन अधिकारी गोमतीनगर लखनऊ ने अवगत कराया कि आग एक ऐसी अकस्मात घटना है जिससे व्यापक रूप में जान माल और पर्यावरण की क्षति होती है। अग्नि दुर्घटना तथा अन्य आपदायें समय-समय पर अपनी विकराल रूप देखाती है जिसमें व्यापक जन हानि सहित वृहद सम्पत्ति क्षति हो जाती है ऐसे में देखा जायें तो अग्नि आपदा जोखिम के दृष्टिकोण लखनऊ एक सम्वेदनशील महानगर हैं अग्नि दुर्घटनाओं से न‌ केवल जन-धन की हानि होती हैं, बल्कि अग्नि जब अग्नि विभिषिका में तब्दील हो जाती हैं तो विकास की प्रक्रिया को भी प्रभावित करती हैं। इससे रोकने व न्यूनीकरण करने के लिए जन-जागरूकता, प्रशिक्षण, सतर्कता सहित समुचित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का प्राविधान अपने -अपने भवनों में स्थापित कराने और समय समय पर उसको चलाने का अभ्यास करते रहना अग्नि दुर्घटना होने पर जन-धन की हानि को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है इसलिए महानिदेशक उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ एवं अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ महोदया के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य अग्निशमन अधिकारी लखनऊ महोदय के पर्वेक्षण में अग्निशमन केन्द्र गोमतीनगर लखनऊ में जनपद में स्थित बहुमंजिली इमारतें,माल मल्टीप्लैक्स, हास्पिटल्स, कार्यालयो, आवासीय भवनों , स्कूल कालेजों होटलों, अस्पतालों एवं औद्योगिक इकाइयों में स्थापित अग्नि सुरक्षा उपकरणों को चलाने और उसे कार्यशीला बनायें रखने के लिए अग्नि सचेतक योजना के अंर्तगत प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें दो सौ साठ लौग सम्मानित हुए।जिनको आग बुझाने,आग से बचाव एवं अग्निशांमक‌ यंत्रों को चलाने का प्रशिक्षण श्री शिवदरस प्रसाद अग्निशमन अधिकारी गोमती नगर लखनऊ द्वारा दिया गया।प्रशिक्षक‌ श्री प्रसाद आगामी त्योहारी के दृष्टिकोण अस्थाई/पण्डाल लगाने पर अग्निशमन तथा आपात सेवा से अनुमति लेनी अनिवार्य बताया और पण्डाल लगाने समय निम्नांकित सावधानियां आवश्यक बताया जो इस प्रकार है पण्डाल बिजली के तारों के नीचे नहीं लगाया जायेगा। पण्डाल के चारों तरफ 04.50मीटर खुला स्थान रहेगा, पण्डाल किसी भी दशा में 03मीटर से उच्चा रहेगा, पण्डाल में बिजली के बल्ब कपड़े से 15 सेन्टी मीटर नीचे रहेगा, बिजली के तारों को प्रोस्लिन कोन्टेकटर ‌से जोड़ा जायेगा। किसी भी दशा में पण्डाल के अन्दर हाईलोजन नहीं लगाया जा। जगह-जगह फायर एक्सटिंग्यूशर और पानी का डम रखा जायेगा। प्रत्येक पण्डाल में सीलिंग हुक अनिवार्य रूप से रख‌ जायेगा।
आग लगने पर प्रथम प्रत्यक्षदर्शी दर्शी व्यक्ति प्रथम प्रत्योत्तरदाता (FIRST RESPONDER) के रूप‌ में कार्य कर सकता है जिसको लखनऊ के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा फायर एक्सटिंग्यूशर चलाने,होज पाइप फैलाने-होज पाईप रोल करने, ब्रान्च पाईप लगाने, पकड़ने, एक्सटेंशन लेंडर का उपयोग करने, क्लोज करने,आग बुझाने के अनेक तरीकों सहित गैस रिसाव, गैस सिलेण्डर की आग को सरलता से बुझाने का एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान ‌श्री प्रसाद द्वारा बताया गया ।प्रशिक्षुओं को अग्नि सचेतक का प्रमाण पत्र अग्निशमन विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा दिया जायेगा। आप अपना आत्म रक्षा करने हेतु आत्मा निर्भरता की अग्रसर हो सकतें हैं। आने वाले दिनों में अग्नि सुरक्षा कर्मी हर प्रतिष्ठान में रखा जाना अनिवार्य होगा की जानकारी दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *