पटाखों से वन्यजीवों को खतरा, चिड़ियाघर प्रशासन ने की अपील

आसपास के इलाकों में जल रहे तेज आवाज वाले पटाखे बने खतरा, निदेशक बोलीं— बचाएं वन्यजीवों की जान
जीत नारायण (ब्यूरो लखनऊ)
लखनऊ। दीपावली पर जहां एक ओर लोग रोशनी और उत्सव की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं चिड़ियाघर प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। प्रशासन ने आसपास के रहने वाले लोगों से अपील की है कि पटाखों का प्रयोग सीमित मात्रा में करें और तेज आवाज वाले पटाखों से बचें।
चिड़ियाघर की निदेशक अदिति शर्मा ने बताया कि तेज आवाज और चमकदार पटाखों से जानवरों को अत्यधिक तनाव होता है। रॉकेट या ऐसे पटाखे जो ऊपर जाकर फटते हैं, उनसे पक्षियों और अन्य वन्यजीवों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। अचानक तेज धमाके और रोशनी से जानवर भयभीत होकर अपने बसेरों से दूर भाग सकते हैं, जिससे उनके घायल होने या मृत्यु का खतरा रहता है।
अदिति शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे इस दीपावली पर पर्यावरण और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि लोग कम ध्वनि वाले, पर्यावरण मित्र पटाखों का ही प्रयोग करें, ताकि त्योहार की खुशियां किसी जीव के लिए खतरा न बनें।
वहीं, हज़रतगंज थाने के अंतर्गत आने वाले नरही चौकी क्षेत्र की भालू वाली गली में कुछ लोग तेज आवाज वाले पटाखे जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सड़क पर रहने वाले आवारा पशुओं के साथ-साथ चिड़ियाघर में मौजूद वन्यजीवों के जीवन को भी खतरा बना हुआ है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन तेज आवाज वाले पटाखों से वन्यजीवों को बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
