लेवाना अग्निकांड से नहीं चेत रहा लखनऊ विकास प्राधिकरण।

लेवाना अग्निकांड से नहीं चेत रहा लखनऊ विकास प्राधिकरण।

 

 

जीत नारायण की रिपोर्ट:-

लखनऊ:- हजरतगंज की प्रिंस मार्केट की चौथी मंजिल में गुरुवार को आग लग गई थी। इस मार्केट में कई कोचिंग सेंटर का संचालन होता है । हजरतगंज में प्रिंस मार्केट कपड़े की काफी बड़ी मार्केट है। सूत्रों की मानें तो आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। आग लगने के दौरान फायर सिस्टम मिले थे खराब। पुलिस के मुताबिक कोचिंग सेंटर में 2 बच्चे भी थे, जिनको सही सलामत निकाल लिया गया था। मौके पर दमकल की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू। इंतजामियां प्रशासन फिर शून्य साबित हुआ। ये वही शहर है जहां लेवाना होटल में अग्निकांड हुआ था जिसके बाद यहां की स्थितियां खराब हुई थी, लेवाना होटल अग्निकांड के बाद कई बड़ी बड़ी बातें की गई थी, कई बड़े बड़े दावे किए गए थे। लेकिन उसके बावजूद भी शहर के बीच में आग लग जाती है। सिर्फ दिखावे के लिए दो-चार दिन कार्यवाही होती है, और उसके बाद फिर सारे नियम शून्य हो जाते हैं। अब सवाल यहां पर ये है कि क्या लखनऊ विकास प्राधिकरण को किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी नहीं उठाते हैं पत्रकारों का फोन। आपको बता दें कि जब भी कोई उनके सीयूजी नंबर पर फोन करता है तो उनका फोन अपने आप को उनका पीआरओ बताने वाला निखिल नाम का व्यक्ति उठाता है और इंद्रमणि त्रिपाठी को व्यस्त होने की बात कह कर काट देता है। पत्रकारों द्वारा कई बार वार्ता कर लखनऊ में हो रहे कई अवैध निर्माण की जानकारी दी गई लेकिन न तो निखिल ने संबंधित अधिकारियों को सूचित किया और न ही किसी अवैध निर्माण करने वालो की जांच करवाई अब ऐसे में कोई कैसे सूचना दें। सूत्र बताते है की लखनऊ में कई ऐसी जगह अवैध निर्माण हैं जिसकी खबर होने के बाद भी लखनऊ विकास प्राधिकरण और उसके अधिकारी कोई कार्यवाही करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। अगर हम बात करें पारा क्षेत्र की तो यहां के जेई भरत पाण्डेय को पत्रकार द्वारा कई बार फोन कर अवैध निर्माण की सूचना दी गई, लेकिन आज तक उनके द्वारा न तो मौके का निरीक्षण किया गया और न ही उन निर्माणों की सुध ली गई। सूत्र बताते है इन्ही जैसे भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से पूरा विभाग बदनाम हो रहा है। सूत्रों की मानें तो इंद्रमणि त्रिपाठी की जानकारी में कई अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर इन्ही के रहमो करम पर फल फूल रहे है और इन्ही की मिलीभगत से लखनऊ में कई जगह हो रहा है अवैध निर्माण। यदि एलडीए के उपाध्यक्ष समेत अधिकारियों के मोबाइल फोन की और आय से अधिक संपत्ति की जांच किसी ईमानदार अधिकारी या रिटायर्ड जज से कराई जाय तो कई अधिकारी जेल में होंगे। जहां सीएम यूपी योगी आदित्यनाथ आदेश करते हैं कि उनकी सरकार की छवि साफ बनी रहे, वहीं उन्ही के विभाग के आला अधिकारी उनकी सरकार की साफ छवि को दाग दार करने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। हम बात करते है राजधानी लखनऊ में बार बार हो रहे अग्निकांड की। तो इस तरह की पुनरावृत्ति क्यों हो रही है। वर्षो बनी पुरानी बिल्डिंगों की जांच क्यों नहीं हो रही है आखिर माजरा क्या है। जबकि बाबा योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है कि अवैध निर्माण की सूचना मिलते ही तत्काल अवैध निर्माण की जांच कर खामियां मिलने पर सील किया जाय। बाउजूद इसके इस विभाग के अधिकारी बाबा के आदेशों की धाजियां उड़ाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है बल्कि यहां ये कहना गलत नही होगा की इन्हे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की धज्जियां उड़ाने में महारथ हासिल है। तभी एक के बाद एक अग्निकांड हो रहे है और अधिकारी अपनी कुर्सियों पर जमे हुए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि मुख्यमंत्री इन अधिकारियों के ऊपर कोई कार्यवाही करते है या फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल देते है।

अरे भाई साहब, ये पब्लिक है पब्लिक, ये सब जानती है।

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