न्यायालय के आदेश पर पूर्व विधायक गजाला लारी समेत 8 पर हुआ केस दर्ज।
संजय मिश्रा
देवरिया:- जिले की रामपुर कारखाना विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक गजाला लारी, एवं उनके बेटे समेत आठ के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने वसूली, गबन और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। बताते चलें कि मुकदमा पूर्व विधायक के ड्राइवर मंसूर आलम की तहरीर पर दर्ज हुआ है। पीड़ित ड्राइवर ने आरोप लगाया है कि उसने ईंट उद्योग लगाने के लिए अपनी पत्नी के नाम एक जमीन खरीदी थी। आरोप है कि बीते विधानसभा चुनाव के पश्चात विधायक के बेटे मंजूर लारी अपनी गाड़ी में बिठाकर आवास पर ले गए जहां पर पहले से ही जमीन बैनामा कराने के कागजात तैयार रखे गए थे और हथियार के बल पर हस्ताक्षर करा लिए गए और विधायक के ही इशारे पर ईट, ट्रैक्टर ट्राली और मारुति कार को हड़प लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी सलेमपुर कोतवाली ने बताया कि 156-3 के तहत सपा की पूर्व विधायक गजाला लारी, मंजूर लारी, अजय सिंह, संदिप सिंह सहित चार अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 386,406,420,504 और 506 के तहत केस दर्ज करवाया गया है। ड्राइवर ने लगाया है आरोप थाना लार क्षेत्र के फतेहनगर के रहने वाले मंसूर आलम ने पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हए कोर्ट की शरण ली थी। पीड़ित ने कहा कि, विधायक ने उसे 12 हजार रुपये के वेतनमान पर ड्राइवर के तौर पर साल 1996 से रखा था। जिसका वेतन 10 जुलाई 2004 तक मिलता रहा। विधायक ने कहा की खाने-पीने का रोज का तुम्हारा खर्चा चल ही रहा है तो वेतन का क्या करोगे? तुम्हारा यह पैसा मैं जमा करती रहूंगी और जब कोई बड़ा काम करना होगा तो पैसा ले लेना। ड्राइवर का आरोप है कि कुछ समय बाद उसने विधायक से कहा कि उसके परिवार का खर्च नहीं चल पा रहा है। इसलिए इंटरलॉकिंग ईंट उद्योग लगाना चाहता है। जिसमें उसको पैसे की जरूरत पड़ रही है। इस पर विधायक ने अपने करीबी अजय कुमार सिंह से एक जमीन उपलब्ध कराई। अजय सिंह जमीन देने के लिए तैयार हो गए तो विधायक ने दो लाख रुपये दिए और खुद मैंने रिश्तेदारी से दो लाख उधार मांग कर चार लाख रुपयों से वर्ष 2011 में ईंट उद्योग लगवाया। जिसका काम मेरी पत्नी देख रही थी। विधायक ने हमारा ईंट उद्योग कराया बंद। पीड़ित ने बताया कि विधायक से मिलकर पैसे का हिसाब करने के लिए कहा परंतु विधायक द्वारा नहीं किया हिसाब नहीं किया गया। इसी दौरान विधायक ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए पुरानी मशीनों से बने ईंट की गुणवत्ता को देखते हुए सरकारी कामों में इस ईट को इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित करा दिया गया। मंसूर आलम ने बताया कि पत्नी के नाम 25 लाख रुपए का ऋण लेकर 5 फरवरी 2020 को इंटरलॉकिंग ईट उद्योग लगाया लेकिन 2 साल बाद ही अजय कुमार सिंह अपनी जमीन खाली करने के लिए कहने लगे। तब उद्योग की आय से 2022 को भूमि खरीदी। जमीन खरीदने के बाद विधायक से पुनः हिसाब करने के लिए कहा, क्योंकि हमारे उपर लोन ज्यादा हो गया था। अजय कुमार सिंह जमीन खाली करवा रहे थे। इसी बात पर विधायक नाराज होकर कहने लगी कि तुम ज्यादा समय उद्योग पर लगा रहे हो। तुम हमारे कोई काम नहीं करते थे बुलाने पर आते नही थे। तुमको पैसा नहीं मिलेगा।ड्राइवर मंसूर का आरोप है कि पूर्व विधायक के कहने पर अजय सिंह और संदीप सिंह द्वारा हमारे उद्योग लगे स्थान पर जाकर पत्नी, लेबरों को गाली दी गई और धमकी दी गई। इस दौरान 70 हजार तैयार ईंट, मारुति कार और ट्रैक्टर ट्राली पर कब्जा कर लिया है। क्या बोलीं पूर्व विधायक गजाला लारी मामले के संबंध में सीएम यूपी न्यूज गोरखपुर मण्डल ब्यूरो संजय मिश्रा से फोन पर बातचीत के क्रम में समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक ने कहा कि सांप को दूध पिलाने वाली कहावत चरितार्थ हुई है। दशकों जो हमारे यहां काम काज कर पला आज वही बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।पूर्व विधायक ने बताया कि ड्राइवर मंसूर द्वारा बीते विधानसभा चुनाव से पूर्व हमारे विद्यालय से 70 हजार रूपए का गबन किया जा चुका है। जिसका साक्ष्य है, मंसूर के मार्फत ही स्कूल के बगल वाले किसान की आवश्यकता पर पैसे दिए गए थे, मंसूर ने मौके का फायदा उठाते हुए उक्त जमीन को अपनी पत्नी के नाम बैनामा करा लिया, जमीन बैनामा कराने की जानकारी होने पर मंसूर से पूछा गया कि आपने ऐसा क्यों किया तो उन्होंने कहा कि विधायक हमसे गलती हो गई, मैं जमीन आपके नाम कर दूंगा। जमीन बैनामा करने के पश्चात ड्राइवर मंसूर द्वारा हमसे बार बार पैसे की डिमांड की जाने लगी, मैंने उसे अपना आदमी समझते हुए कुछ पैसे दिए भी परंतु कुछ राजनीतिक विरोधियों के बहकावे में आकर वह पुनः पैसे की मांग करने लगा। बोले पुलिस क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मामले के संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी सलेमपुर देव आनंद ने बताया कि मंसूर आलम की तहरीर पर कोर्ट के आदेशानुसार 156-3 के तहत पूर्व विधायक समेत आठ लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है, दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
