प्रोपर्टी डीलरो संग गोलीकांड के बाद भी पुलिस का लापरवाह रवैया

समीर खान

लखनऊ:- सरोजनीनगर बिजनौर थाना क्षेत्र में बीते 8 सितम्बर की शाम पुराने मुकदमे में समझौते के लिए पहुंचे हमलावरों ने पुरानी रंजिश के चलते अपने दुश्मन पर ताबड़तोड़ अन्धाधुन फायरिंग झोक दिए जिसमे इस समझौते की मध्यस्था कर रहे प्रोपर्टी डीलर को भी दो गोली लग गई। जिसके बाद पुलिस महकमे में हडकंप मच गया था। मौके पर स्थानीय पुलिस समेत पुलिस अधिकारियो ने भी मौके पर पहुँच घटना स्थल का निरिक्षण कर मामले में मुकदमा दर्ज कर हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी का निर्देश जारी किया था। इस मामले में घटना के करीब सप्ताह भर बाद अस्पताल से घर पहुंचे पीड़ित प्रोपर्टी डीलर ने स्थानीय पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किये है।

बिजनौर थाना क्षेत्र के मुलाही खेड़ा नटकुर निवासी हमले के शिकार पीड़ित मनोज यादव घटना के करीब एक सप्ताह बाद इलाज के बाद अपने घर पहुंचे और इस गोलीकांड को लेकर पहली बार क्षेत्रीय मिडिया से रूबरू हो स्थानीय पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किये है। पीड़ित का आरोप है पुलिस अब तक इस हमले में मात्र एक आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है। जबकि हमले का मुख्य आरोपी सुमित यादव एवं उसका साथी विनोद यादव व दो अज्ञात अभी भी पुलिस के गिरफ्त से दूर है और फरार चल रहे है। इसके बावजूद भी बिजनौर पुलिस इस दुस्साहसिक कांड के बावजूद भी ढुलमुल रवैया अपनाये हुए है। जबकि हमलावरों ने घटना को अंजाम उनके घर के निकट ही उनके कार्यालय पर दिया था। इसके बावजूद उनके घर पर पुलिस द्वारा कोई भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं किया गया और न ही क्षेत्र में पुलिस की गस्ती बढाई गई है। हमलावर पुलिस की गिरफ्त से दूर है और कभी भी अपने मंसूबो को कामयाब बनाने के लिए नयी योजना बना उस पर और उसके परिवार वालो पर पुनः हमला करवा सकते है जिससे वह और उनका पुरा परिवार दहशत के साए में जीवन यापन कर रहा है।

पुराने मुकदमे में एक करोड़ के डील के बाद भी दिया गया गोलीकांड को अंजाम।

वर्ष 2015 में पिता पुत्र हत्या कांड का मामला निर्णायक स्थिति पर है 12 सितम्बर को कोर्ट में बयान होना था। हमले का आरोपी अनूप खेडा माती बिजनौर निवासी प्रोपर्टी डीलर कुंदन सिंह यादव मामले को बाहर से ही समझौते का प्रयास कर रहा जिसकी मध्यस्था नटकुर निवासी मनोज यादव कर रहे थे। समझौते के लिए एक करोड़ रूपये का डील हुआ था जिसे कुंदन देने के लिए तैयार था। विपक्षियो ने पूर्व में पैतीस लाख रूपये ले भी चुके थे। मनोज के मुताबिक सुमित ने ही 8 सितम्बर को फोन कर फ़ाइनल समझौते के लिए कुंदन को बुलाने के लिए कहा। हमलावर चार की संख्या में चारपहिया वाहन से उनके नटकुर कार्यालय पर आये थे थोड़ी देर बाद ही कुंदन आ गया था। जिसके बाद अचानक से सुमित ने दोनों हाथो में असलहा ले फायरिंग कर दिया और मिर्ची के पाउडर भी फेंके थे। फायरिंग जान से मार देने की इरादे से किया गया था दो गोली उनको भी लगी और खून से लथपथ उन्होंने अपनी जान बचाते हुए कार्यालय के दुसरे कमरे में छुप गए थे।

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