लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख प्रोफेसर यशवीर त्यागी ने की उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता।

जीत नारायण
लखनऊ:- अर्थ एवं संख्या प्रभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा केन्द्रीय सेक्टर की सपोर्ट फाॅर स्टैटिस्टिकल स्ट्रैन्थैनिंग (एसएसएस) योजना के तहत ‘‘जीएसडीपी अनुमान के लिए डेटा प्रोसेसिंग, डेटा के विभिन्न स्रोतों से जीएसडीपी का अनुमान और सटीकता में सुधार‘‘ शीर्षक पर एक तीन दिवसीय (05 से 07 अक्टूबर, 2023) कार्यशाला का आयोजन गिरि विकास अध्ययन संस्थान, लखनऊ के सहयोग से किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख (सेवानिवृत्त) प्रोफेसर यशवीर त्यागी ने की। कार्यशाला की शुरुआत गिरि विकास अध्ययन संस्थान, लखनऊ के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने गिरि विकास अध्ययन संस्थान का संक्षिप्त परिचय भी दिया। डॉ. दिव्यसरीन मेहरोत्रा, निदेशक, अर्थ एवं संख्या, उत्तर प्रदेश के द्वारा केन्द्रीय क्षेत्र की एस0एस0एस0 योजना का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया तथा तीन दिवसीय कार्यशाला के उद्देश्यों और संरचना के बारे में भी विस्तार से अवगत कराष। उनके द्वारा प्रदेश को 2027 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाये जाने की प्रदेश सरकार की प्रतिबघ्ता के दृष्टिगत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने संबंधित विभागों की भूमिका के सम्बन्ध में भी विस्तार से अवगत कराया गया।
अर्थ एवं संख्या प्रभाग की अपर निदेशक श्रीमती मालोविका घोषाल ने जीएसडीपी की अवधारणा प्रस्तुत की। उन्होंने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के अनुमानों की व्याख्या की, जिसे राज्य के आर्थिक विकास को मापने के लिए सबसे महत्वपूर्ण एकल समग्र ‘‘आर्थिक संकेतक‘‘ माना जाता है। अर्थ एवं संख्या प्रभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती अलका बहुगुणा ढोंडियाल ने डेटा संग्रह, डेटा के स्रोत डेटा प्रबन्धन की महत्वपूर्ण भूमिका और विभिन्न क्षेत्रों में डेटा के उपयोग के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
राज्य के प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर यशवीर त्यागी ने अगले सत्र की शुरुआत ‘‘यूपी इकोनॉमी /75ः ऑन द थ्रेशोल्ड ऑफ ए बिग लीप फॉरवर्ड‘‘ विषय पर विचार-विमर्श करके की, जिसमें प्रोफेसर त्यागी द्वारा राज्यों के आर्थिक विकास के रुझानों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया और जीएसडीपी अनुमान के आंकलन और गणना प्रक्रियाओं तथा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर जीएसडीपी के संदर्भ में राज्य की आर्थिक वृद्धि के रुझान के बारे में अवगत कराया गया। ।
श्री आशीष कुमार, डीजी (सेवानिवृत्त), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार और सलाहकार डेलॉइट इंडिया (राज्य के लिए निर्धारित एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्यों के लिए सलाहकार एजेंसी के रूप में कार्यरत) ने 2027 तक राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। .
कार्यशाला में कृषि विभाग, कृषि विपणन और उद्यान विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में राज्य आय आकलन में योगदान देने वाले विभिन्न विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारियों की कुल भागीदारी लगभग 400 होगी। अर्थ एवं संख्या प्रभाग से भोला राम, प्रवीण कुमार, डॉ. सुएब अहमद, संयुक्त निदेशक, संजय कुमार श्रीवास्तव, नवीन चतुर्वेदी, श्रीमती शालू गोल, उप निदेशक एवं डॉ.राजेश कुमार चैहान, श्रीमती दुर्गेश नंदिनी सिंह, संजीव कुमार, डॉ. प्रियंका सिंह भदोरिया और अर्थ एवं संख्या प्रभाग के अन्य अधिकारी व कार्मिकों द्वारा भी कार्यशाला में भाग लिया गया। गिरि विकास अध्ययन संस्थान, लखनऊ से डॉ. के0एस0 राव, नोमिता पी कुमार, डॉ. कविता बालियान के साथ-साथ अन्य अधिकारी भी कार्यशाला में उपस्थित रहे।
डॉ. राजेश कु0 चैहान और डॉ. प्रियंका सिंह भदोरिया ने राज्य आय अनुमान प्रक्रिया, विभिन्न डेटा सेटों के उपयोग के साथ-साथ राज्यों के आर्थिक विकास के परिदृष्य को और अधिक मजबूती प्रदान किये जाने के उद्देश्यों को और अधिक स्पष्टता के साथ चित्रित करने के लिए सही एवं पारदर्शी तरीकों से आंकडों के ससमय संग्रहण और आपूर्ति का पालन करने के महत्व पर जोर दिया गया।
