बुद्धनगरी मे बेखौफ चल रहा है देह व्यापार का कारोबार।

 

🔴गंदा है पर धंधा है।

 

🔴 कुशीनगर के होटलो मे लगती है नाबालिग लड़कियों की बोलिया।

 

🔴 कसया थाना क्षेत्र के हिरनहापुर से गोपालगढ़ हाइवे तक रेस्टोरेंट व होटलो में चल रहा देह व्यापार का धंधा।

 

अजय मिश्रा व्यूरो चीफ कुशीनगर।

 

कुशीनगर:- सूबे की योगी सरकार और उनकी सरकारी मशीनरी जहा भगवान बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली को अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए भागीरथ प्रयास कर रही है, वही यहां के कुछ मनबढ़ लोग देह व्यापार के अनैतिक कारोबार को बढा़वा देकर कुशीनगर के नाम को कलंकित करने मे जुटे हुए है। चर्चा-ए-सरेआम है कि गंदा है पर धंधा है के तर्ज पर हाइवे के किनारे संचालित रेस्टोरेंट व होटल देह व्यापार के अवैध कारोबार का मुख्य केंद्र बना हुआ है। ऐसा नही है कि पुलिस समाज को दूषित करने वाले इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाले कारोबारियों से अनभिज्ञ है बल्कि कहने वाले कहते है कि इस धंधे मे लिप्त कारोबारी यहां के स्थानीय पुलिस के संरक्षण मे ही डंका की चोट पर जिस्मफरोशी के कारोबार चार चांद लगा रहे है। यही वजह है कि इन अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद है और उन्हें अपने इस अवैध धंधे को लेकर तनिक भी कभी भय नही सताता है। बताया जाता है कि इस धंधे का बढावा देने के लिए होटल व रेस्टोरेंट मालिकों द्वारा आसपास के क्षेत्रों के अलावा अन्य जनपदों से भी लडकियां बुलायी जाती है। इन धंधेबाजो को न तो पुलिसिया कार्रवाई का खौफ है और न सामाजिक हनन की चिंता। तभी तो इस धंधे मे लिप्त धंधेबाज बडी ही निर्लजता से कहते है साहब ” गंदा है पर धंधा है।

काबिलेगोर है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-28 के किनारे बसा कुशीनगर व कसया क्षेत्र में दर्जनों की संख्या में छोटे बड़े होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालित होता है जहां पुलिसिया संरक्षण मे बेखौफ जिस्मफरोशी का अवैध कारोबार फलफूल रहा है। ऐसी चर्चा है कि हाइवे के किनारे हिरनहापुर से गोपालगढ़ के बीच संचालित हो रहे रेस्टोरेंट व होटलो मे नाबालिग लड़कियों की बोली लगती है और यह सब कुछ यहा के होटल व रेस्टोरेंट मालिको द्वारा किया जाता है। कहना न होगा कि होटल, ढाबा व रेस्टोरेंटो मे चल रहे इस अवैध कारोबार को पूर्व में यहा के पुलिस प्रशासन द्वारा छापेमारी कर देह व्यापार के अवैध धंधे का पर्दाफाश किया जाता रहा है। जानकार बताते है कि समय समय पर इन होटलो व ढाबो पर छापेमारी करना पुलिस प्रशासन के कार्यवाही का एक सुनियोजित हिस्सा होता है। ताकि खाकी और धंधेबाजो की यारी सार्वजनिक तौर पर चर्चा का विषय न बने। यही वजह है कि इन अवैध कारोबारियों के अवैध कारोबार पर जब भी पुलिसिया कार्रवाई का डण्डा चलता है तो दो-चार दिन तक हडकंप मचा रहता है। फिर उसके बाद गंदा है पर धंधा के तर्ज पर नाबालिग लड़कियों के बोली के साथ जिस्मफरोशी का धंधा ऐसे शुरू हो जाता है जैसे यह धंधा कभी बंद ही न हुआ हो। यही कारण है कि होटल व्यवसाय की आड़ में देह व्यापार का सिलसिला रुकने के बजाय दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। होटल व्यवसाय से जुड़े जानकर बताते है कि राष्ट्रीय राज मार्ग 28 पर जनपद की सीमा से लेकर बिहार बार्डर तक दर्जनों होटल व रेस्टोरेंट इस तरीके से बनाये गये है जहां जिस्मफरोशी के कारोबार मे कोई खलल न डाल सके और ग्राहक आसानी से उनके अड्डे पर पहुंच सके। यहां रात के अंधेरे की बात कौन करे दिन के उजाले में ही लडकियो के जिस्म की बोली लगती है और इस दबंगई से बोली लगती है कि कोई उनका कुछ बिगाड नही सकता है। डंके की चोट पर इस अनैतिक धंधा को संचालित करने वाले धंधेबाज सीना ठोक कर इस बात का दम भरते है कि वह हर महीने पुलिस को बक्शीश देते है इस लिए उनका कोई कुछ बिगाड नही सकता है कारोबारी खुले तौर पर चैलेंज करते है जिसमे दम है वह इस धंधे को बंद करा कर दिखा दे।

 

🔴 सुबह से लेकर देर रात तक चलता है धंधा।

 

बता दे कि हिरनहापुर से गोपालगढ़ एनएच-28 के किनारे कमोबेश जितने भी रेस्टोरेंट, ढाबा व होटल है वहा सुबह से लेकर देर रात तक बेखौफ देह व्यापार का कारोबार चलता रहता है। सूत्र बताते है कि कारोबारी पहले से ही आस-पास क्षेत्र के कुछ लड़कियों को अपने रेस्टोरेंट व होटलो पर बुलाकर रखते है और ग्राहको के पसंद के मुताबिक एक हजार रुपये से लेखर पांच हजार रुपये प्रति घंटा के हिसाब से परोसते है। इसके अलावा इन होटलो व रेस्टोरेंट पर देर रात में बाहर से कालगर्ल बुलायी जाती है जिनको बोली दस हजार रुपये से शुरू होती है और ग्राहको के पसंद के मुताबिक पचास हजार रुपये तक जाती है। इसी तरह पूरी रात यह धंधा चलता रहता है और सुबह होते ही पेशेवर महिलाए व युवतियां अपने घर के लिए रवाना हो जाती हैं। सूत्र बताते है कि इसमें शामिल लोगों को उनका हिस्सा पूरी ईमानदारी से दिया जाता है।

 

 🔴 बिहार और नेपाल से भी बुलायी जाती है कालगर्ल।

 

होटल व ढाबा व्यवसाय से जुड़े जानकर बताते है कि ग्राहकों के डिमांड के अनुसार इस धंधे मे पडोसी राज्य बिहार व नेपाल से भी लड़कियां बुलायी जाती है। नाबालिग व कम उम्र की लडकियां ग्राहकों की पहली पसंद होती है बाहर से आने वाले लोग इन लड़कियों पर लोखो रुपये लूटाने से भी परहेज नही करते है। इस धंधे का ट्रेंड भी बदल गया है। सूत्रों की मानें तो इस धंधे से जुडे ग्राहक मोबाइल मैसेज व कोडवर्ड का इस्तेमाल भी करते हैं, जैसे छोटी मछली, बड़ी मछली, चलहवा आदि नाम लिए जाते है ताकि किसी को शक न हो। 

 

🔴 पेशेवर लड़कियों को मिलती है तरजीह।

 

होटलों में जिस्म देह व्यापार के इस धंधे मे होटल व रेस्टोरेंट मालिक स्थानीय पेशेवर महिलाओं व लड़कियों को ज्यादा तहजीह दते है। वजह यह है कि ग्राहक के डिमांड पर कम समय में यह महिलाए और लडकिया होटल में उपलब्ध हो जाती है। जिसका ज्यादा मुनाफा होटल मालिक को मिलता है। इसके साथ ही इन्हें घर वापस भेजने के लिए होटल प्रबधन को कोई इंतजाम नही करना पडता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *