जिला गोंडा कारागार का हुआ औचक निरीक्षण, सचिव द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान रोजा अफ्तार करते हुए मिले बंदी।
जिला गोंडा कारागार का हुआ औचक निरीक्षण, सचिव द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान रोजा अफ्तार करते हुए मिले बंदी।

नदीम अहमद (ब्यूरो गोंडा)
गोंडा:- उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ व जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा ब्रजेन्द्र मणि त्रिपाठी के निर्देशानुसार 31 मार्च को 5ः30 बजे जिला कारागार गोण्डा का आकस्मिक निरीक्षण नितिन श्रीवास्तव, अपर जिला जज एफटीसी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान जेलर, प्रभारी जेल अधीक्षक शिव प्रताप मिश्र द्वारा सचिव नितिन श्रीवास्तव को अवगत कराया गया कि, आज की तिथि में कुल 993 बन्दी कारागार में निरूद्ध हैं। जिसमें से सिद्धदोष बन्दी 170, विचाराधीन बन्दी 800 तथा अस्पताल में भर्ती सिद्धदोष बन्दी 5 व विचाराधीन बन्दी 18 हैं। कारागार निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा सर्वप्रथम महिला बैरक का निरीक्षण किया गया। महिला बैरक में निरूद्ध महिला बन्दियों से पूछताछ की गयी। जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें सायंकालीन चाय व चार-चार पारले-जी बिस्कुट दिया गया। सचिव द्वारा जेलर प्रभारी जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि जेल में महिला बन्दियों के साथ रह रहे 6 वर्ष से छोटे बच्चों को निर्धारित मात्रा में दूध एवं आवश्यक खाद्य पदार्थ की व्यवस्था कराएं। डॉक्टर को निर्देशित किया गया कि समय पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं नियमित टीकाकरण करायें तथा उनके टीकाकरण का संबंधित रिपोर्ट कार्ड सुरक्षित रखें। इसके पश्चात सचिव द्वारा पाकशाला का निरीक्षण किया गया। पाकशाला के निरीक्षण के दौरान सायंकालीन का भोजन बन्दियों को वितरित करने हेतु बैरक में जा चुका था। पाकशाला में कार्यरत कमान के कैदी पाकशाला की साफ-सफाई कर रहे थे। पाकशाला साफ-सुथरी थी व खाना बनाने वाले बर्तन भी साफ-सुथरे थे। रोजा रखने वाले बन्दी रोजा अफ्तार कर रहे थे। रोजा अफ्तार के लिए उन्हें फल, शरबत, भीगे चने इत्यादि दिये गये थे। इसके अतिरिक्त रोजा रखने वाले बन्दियों द्वारा बताया गया कि उनके लिए दाल, चावल, रोटी व सब्जी की भी व्यवस्था की गयी है। सचिव द्वारा बैरक नम्बर 7 का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दो बन्दी शिवकुमार व राजेन्द्र प्रसाद द्वारा सचिव को अवगत कराया गया कि उनके पास अधिवक्ता नही हैं। सचिव द्वारा कारागार में नियुक्त पी०एल०वी० को निर्देशित किया गया कि बन्दियों से निःशुल्क अधिवक्ता के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र प्राप्त कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा को प्रेषित कराएं। इस दौरान सचिव द्वारा जिला कारागार में बने अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया तथा निरीक्षण के दौरान मरीजों से मुलाकात की गयी तथा उनका हाल-चाल पूंछा गया। जेलर प्रभारी अधीक्षक द्वारा यह बताया गया कि कारागार में बने अस्पताल में क्षमता से अधिक बन्दी होने के कारण तीन बन्दी इलाज हेतु फर्श पर लेटे हुए थे। जेलर प्रभारी अधीक्षक को आदेशित किया गया कि फर्श पर लेटे हुए बन्दी हेतु अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाये। निरीक्षण के दौरान कारागार अस्पताल में रोशनी की पर्याप्त मात्रा में सुविधा नहीं थी, जिस पर जेल प्रभारी अधीक्षक को आदेशित किया गया कि कारागार अस्पताल में रोशनी हेतु पर्याप्त मात्रा में एल०ई०डी०/ट्यूबलाइट की व्यवस्था की जाए। इस अवसर पर जेलर प्रभारी जेल अधीक्षक शिव प्रताप मिश्र उपकार पाल, विवेक कुमार सिंह व शैलेन्द्र त्रिपाठी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा के कनिष्ठ लिपिक कन्हैया लाल तिवारी एवं अंकित वर्मा उपस्थित रहे।
