पुत्र ही निकला पिता का हत्यारा, तीन साथियों संग मिलकर की थी पिता की हत्या

अभिषेक कुमार विशेष संवाददाता 

लखनऊ:- थाना मलिहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत वाजिद नगर गांव में हुई हत्या का डीसीपी पश्चिमी राहुल राज ने शनिवार को खुलासा किया है। कुछ दिन पूर्व वाजिद नगर गांव में एक वृद्ध की गमछे से गला कस कर हत्या कर दी गई थी। मलिहाबाद पुलिस टीम ने हत्या के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वृद्ध की हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका पुत्र ही हत्यारा निकला है। मृतक वृद्ध के पुत्र ने अपने तीन साथियों संग मिलकर गमछे से गला कस कर हत्या कर दी थी। 

आपको बता दें चारों आरोपियों को पुलिस ने मधवापुर पुलिया से करीब 50 मीटर की दूरी पर कसमण्डी नहर पटरी से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने बारी बारी नाम पता पूछा तो पहले ने अपना नाम विमल यादव पुत्र स्व सोहन लाल यादव निवासी ग्राम वाजिदनगर थाना मलिहाबाद जनपद लखनऊ दूसरे ने अपना नाम अरूण रावत पुत्र इन्द्रजीत निवासी ग्राम वाजिदनगर थाना मलिहाबाद जनपद लखनऊ तीसरे ने अपना नाम अरूण रावत पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम वाजिदनगर थाना मलिहाबाद जनपद लखनऊ व चौथे व्यक्ति ने अपना नाम सुमित गौतम पुत्र भगवानदीन निवासी ग्राम अल्लूपुर थाना मलिहाबाद जनपद लखनऊ बताया तथा तलाशी से कुल 400 रुपये बरामद हुये। पकड़े गये व्यक्तियों को विश्वास में लेकर घटना के सम्बन्ध में पूछताछ की गयी तो विमल यादव ने अपनी गलती की मांफी मांगते हुए बताया कि हम सगे दो भाई हैं और हम दोनों लोग अपने परिवार के साथ अलग अलग रहते हैं। मेरे पिता जी मेरे छोटे भाई पवन यादव के पास रहते थे मैंने घटना से करीब 08-10 दिन पहले अपना धर्मकांटा बनवाने के लिए पिता जी के नाम जमीन को मैंने अपने नाम एग्रीमेन्ट कराने के लिए कहा था। परन्तु पिता जी ने मेरे नाम जमीन एग्रीमेन्ट करने के लिए मना कर दिया वह हमेशा छोटे भाई पवन व उनके बच्चों को ज्यादा चाहते थे। यह बात मुझे अच्छी नहीं लगती थी और इसी के चलते मेरा कई बार पूर्व में मेरे पिता जी से बाद विवाद भी हुआ था। मुझे संदेह था कि कहीं ऐसा न हो कि पिता जी अपनी पूरी जमीन छोटे भाई के नाम लिख दे। इसी बात को लेकर मै टेन्शन में रहता था। 6 सितंबर को जब मेरे पिता जी घर से खाना खाकर हाते में सोने के लिए आये तो मैं अपने इन्हीं तीनों साथियों के साथ मिलकर समय करीब रात्रि 10 बजे हाते पर पहुंच गया। मैंने पिता जी से रस्सा मांगने के बहाने दरवाजा खुलवाया और अन्दर जाकर मैंने पिता को पीछे से पकड़ लिया और मेरे इन्हीं तीनों साथियों ने उनको जमीन पर गिरा दिया तथा उनके गले में पड़े हुए गमछे से कसकर गला घोंट दिया और उनके शव को जमीन से उठाकर तख्त पर लेटाकर हम चारो लोग अपने अपने स्थान पर चले गये और गमछे को हाते में ही एक कोने में रख दिया था। सुबह जब मेरे भाई पवन यादव ने पिता जी की मृत्यु की सूचना मुझे दी तब मैं अपनी पत्नी के साथ ससुराल से मौके पर आया और मैने अपने को बचाने के लिए जल्दी से दाह संस्कार कराने का प्रयास किया किन्तु किसी ने डायल 12 को सूचना कर दिया और मौके पर पुलिस आ गई। तब मैंने थाने पर जाकर पिता की हत्या के सम्बन्ध में अज्ञात में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा लिखाया था। बताते चलें पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, नि० राजदेव प्रजापति सर्विलांस टीम प्रभारी डीसीपी पश्चिमी, उप निरीक्षक संजीव कुमार, उप निरीक्षक हरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल शनि यादव, कांस्टेबल प्रमोद यादव, कांस्टेबल सुभाष, कांस्टेबल लाल बहादुर शमिल रहे।

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