तीन वर्ष बीतने को है पर नहीं खुले सामुदायिक शौचालय के द्वार।
अजय कुमार मिश्र ब्यूरो चीफ कुशीनगर।
कुशीनगर:- गांव को स्वच्छ रखने के लिए शासन ने पहले घर-घर व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया। उसके बाद ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए।जिसके पीछे शासन की मंशा रही कि गांव के लोग खुले में शौच न जाएं। हाटा ब्लॉक क्षेत्र में 4 शौचालय ऐसे हैं जो 3 वर्ष बीतने को हैं लेकिन अभी भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका जबकि कई शौचालयों में अभी भी ताले लटक रहे है।गौरतलब है कि हाटा क्षेत्र पंचायत के ग्राम सभाओं में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वीकृत हुए थे 6 शौचालय। क्षेत्र के कुरमौटा सतुगड़ही, सोहसापट्टी गौसी, मदरहां,बदौली महुआडीह,तुर्कवलिया तथा क्षेत्र पंचायत कार्यलय परिसर में सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए शासन द्वारा एक शौचालय के निर्माण के लिए 7 लाख 52 हजार रुपये आवंटित किये गये थे। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कार्य भी शुरु करा दिये गये। क्षेत्र पंचायत कार्यलय परिसर तथा तुर्कवलिया में शौचालय तो बन कर तैयार हो गये लेकिन हमेशा ताले लगे रहने से उपयोग नहीं होते हैं। वहीं दूसरी तरफ कुरमौटा,सोहसापट्टी गौसी, मदरहा, बदौली महुआडीह में बनने वाले शौचालय आधे अधूरे ही बने हैं। संबन्धित कार्यदायी संस्था किस कारण से पूर्ण नहीं करा रही है यह समझ से परे है। वहीं शासन ने स्वच्छ भारत अभियान की सफलता के लिए एक वर्ष में पूर्ण कराते हुए इसके उपयोग का स्पष्ट निर्देश दिया था। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते तीन वर्ष बीतने को हैं लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया जा सका। इस सम्बंध में एसडीएम/वीडियो हाटा मुहमद जफर ने बताया कि दो शौचालय क्रियाशील है शेष चार के निर्माण के लिए संबंधित फर्म को निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए है।
