मुख्यमंत्री जी ! गोरखपुर में भूमाफियाओं पर दे रहे है लेखपाल की बेतुकी जांच और बयान

मुख्यमंत्री जी ! गोरखपुर में भूमाफियाओं पर दे रहे है लेखपाल की बेतुकी जांच और बयान

सन्दीप मिश्रा की खास रिपोर्ट

 

 

उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने गरीबों की जमीनों को भू माफिया से बचाने के लिए अपना बेहतर प्रयास कर रहे हैं। उनके प्रयास देखकर जनता भी कहती है कि अब गरीबों का मसीहा सत्ता में है । लेकिन उन्हीं के गृह जनपद गोरखपुर में जहां से वह लगातार सांसद रहे और वहीं से प्रदेश की सत्ता की बागडोर भी संभाल रहे हैं। वहां राजस्व विभाग और लेखपाल अपनी मनमानी कर रहे हैं। बताते चलें कि रायबरेली जनपद के रहने वाले और कभी खुद सरकार की नौकरी करते हुए सेवानिवृत्ति कर्मचारी रामनारायण मिश्र ने शिकायत दर्ज कराई थी गोरखपुर के बांसगांव तहसील के धौसा गांव निवासी पुरुषोत्तम नाथ मिश्रा उनकी पत्नी कालिंदी मिश्रा और रायबरेली के ही शिवनारायण मिश्रा पुत्र स्व० पारस मिश्रा निवासी 593 सत्य नगर रायबरेली उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की नियत जोतने और बोने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल ने अपनी एक बेतुकी की रिपोर्ट लगा दी । जिसके अनुसार जमीन नियमानुसार शिवनारायण मिश्रा के नाम पर दर्ज है । इस संबंध में जब लेखपाल से उनके मोबाइल नंबर 9015857498 पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिसके नाम खेत है वही खेत को जोत हो रहा है । बाकी आपको जो शिकायत हो वह तहसील में आकर दर्ज कराए। इस संबंध में पीड़ित का कहना है जब मुख्यमंत्री के गृह जनपद में ऐसा हाल है कि लेखपाल और राजस्व मनमानी ढंग से रिपोर्ट लगा कर मामले का निस्तारण बता देती है। तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य जनपदों में क्या हाल होगा। इस पर भी यह कहा जाता है कि तहसील में आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। मुख्यमंत्री पोर्टल और एंट्री भू माफिया पोर्टल का काम क्या रह जाता है । क्योंकि लेखपाल ने जांच की है और उसमे बताया कि जमीन शिव नारायण मिश्रा के नाम पर दर्ज है और यह बताने में असमर्थ दिखे की उक्त जमीन की वसीयत कैंसिलेशन का मामला रायबरेली जिला एवम सत्र न्यायालय में तथा शिव नारायण मिश्र द्वारा पुरुषोत्तम नाथ मिश्र को बेची गई जमीन की दाखिल खारिज की आपत्ति खुद गोरखपुर के बांसगांव में विचाराधीन है। जब दो-दो न्यायालय में उच्च जमीन का मामला विचारधन है तो आखिरकार कैसे विवादित जमीन को माफिया द्वारा जोतने बोने की अनुमति राजस्व विभाग देता चला आ रहा है। बीमार और बेड पर घातक बीमारी से जूझ रहे राम नारायण मिश्रा ने इस मामले की एक बार फिर से जांच करने की मुख्यमंत्री से मांग की है और यह भी कहा है लापरवाह कर्मचारियों पर भी सख्त कार्यवाही की जाए जिससे सरकार की मंशा का और आम जनमानस का भला हो सके।

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