गद्दी गैंग का खौफनाक खूनी खेल, कमिश्नरेट पुलिस को किया लहूलुहान

पारा में गद्दी गैंग का खूनी दुस्साहस, दहल उठी राजधानी
जीत नारायण
दरोगा की इस तस्वीर को देखकर आप स्वयं अनुमान लगा सकते हैं सिर्फ सांसे ही नहीं निकली?
लखनऊ के पारा में गद्दी गैंग के दरिंदों ने खाकी का इकबाल पूरी तरह नीलाम कर दिया, सड़क पर पड़े दरोगा की गर्दन को फांसी के फंदे की तरह इस कदर भींचा गया कि वर्दीवाला तड़प-तड़पकर सांसों की भीख मांगता रहा। अगर साथी पुलिसवाले सही वक्त पर न झपटते, तो ये खूंखार गुंडे दरोगा की जान ही ले लेते।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात ने पूरे शहर में खौफ भर दिया है, जब सरेआम कानून के रखवालों का गला घोंटा जा रहा है, तो आम जनता की औकात ही क्या है?
लेकिन खाकी का खून बहाने की सोच रखने वाले ये दरिंदे भूल गए हैं कि सूबे में ‘बाबा का बुलडोजर’ बिल्कुल तैयार खड़ा है।
कानून हाथ में लेने वाले इन दबंगों की उल्टी गिनती शुरू हो गई, इनके अवैध साम्राज्य और ठिकानों को बहुत जल्द जमींदोज कर ऐसी गर्द में मिलाना चाहिए, ताकि इनकी आने वाली नस्लें भी दबंगई का नाम सुनकर कांप उठें।
आइये बताते हैं क्या था पूरा मामला” बीते रविवार को समय लगभग 3:30 बजे दोपहर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत आवारा पशुओं को पकड़ने गई टीम पर पथराव कर दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता हैं कि किस तरह घोषी गैंग ने कई दबंगों के साथ मिलकर पुलिस और कर्मचारियों को घायल किया गया और तीन वाहन क्षतिग्रस्त कर दी गई।
राजधानी में बेखौफ गद्दी गैंग पशु पालकों की गुंडागर्दी और सरकारी काम में रोड़ा अटकाने की एक और शर्मनाक वारदात सामने आई है। नगर निगम जोन-6 के पारा थाना क्षेत्र में रविवार को सड़क पर खुलेआम घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने गई नगर निगम की टीम पर स्थानीय घोसियों और उपद्रवियों ने अचानक पथराव कर दिया।
पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों ने कानून की जमकर धज्जियां उड़ाईं। इस अचानक हुए हिंसक हमले में कई नगर निगम कर्मियों की पीठ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, उपद्रवियों ने सरकारी संपत्ति को निशाना बनाते हुए अभियान में शामिल तीन वाहनों के शीशे तोड़ डाले।
हालांकि, इस जानलेवा हमले और भारी विरोध के बावजूद टीम के हौसले पस्त नहीं हुए, नगर निगम की टीम ने 18 भैंसों को ज़ब्त कर ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेज दिया।
नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गुंडागर्दी के आगे अभियान रुकेगा नहीं, और हमलावरों पर सख्त कार्रवाई के साथ शहर को आवारा पशुओं से मुक्त कराने की कार्रवाई जारी रहेगी।
घटना के बाद पशु कल्याण प्रभारी अवधेश कुमार ने पारा थाने में 13 नामजद और 10 से 12 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ तहरीर दी थी।
वहीं पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना में शामिल दो सगी बहने निवासी गदियान, बादल खेड़ा बुद्धेश्वर पारा को तत्काल हिरासत में ले लिया और अबरार उर्फ भूरे पुत्र अब्बास, इमरान पुत्र अब्बास, सालून पुत्र अब्बास, सुबिल पुत्र गुलाम हुसैन, सराफत लाल बाल वाला, अतीक पुत्र बाबू, आसिफ पुत्र वर्मा, वारिस, नसीम उर्फ जालीमुल्ला, रानु, जीशान पुत्र दिलावर, नफीस पुत्र दिलावर और 10 से 12 अज्ञात लोग जो कि घटना के बाद से ही फरार चल रहे है, जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित कर दी गई है, जल्द ही सभी अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
