विद्युत विभाग का कारनामा आया सामने, बारावफात के मौके पर गुलजार नगर में बिजली गुल
विद्युत विभाग का कारनामा आया सामने, बारावफात के मौके पर गुलजार नगर में बिजली गुल
जीत नारायण
लखनऊ। बीते बुधवार को समय लगभग 10 बजे रात्रि से गुलजार नगर क्षेत्र में करीब एक घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप रहने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारावफात के मौके पर बिजली गुल होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी देखने को मिली।
विद्युत आपूर्ति कब तक बहाल होगी और खबर के लिए विभाग का पक्ष जानने के उद्देश्य से पत्रकार ने तालकटोरा स्थित वेदर स्टील पावर हाउस के सीयूजी नंबर 8004921302 पर संपर्क किया।
फोन पर मौजूद संविदा कर्मी एसएसओ अशोक से जब विद्युत आपूर्ति बहाल होने के समय की जानकारी मांगी गई और बताया गया कि इस संबंध में खबर प्रकाशित की जानी है, तो उन्होंने जानकारी देने के बजाय नाराजगी जताते हुए कहा— “हां बिल्कुल लिखो, जितनी लिखनी है उतनी लिखो।”
वहीं, मामले की जानकारी लेने और विभाग का पक्ष जानने के लिए पत्रकार द्वारा समय लगभग रात्रि 11:10 मिनट से लेकर 11:31 बजे तक तालकटोरा पावर हाउस के जेई, एसडीओ, एक्सईएन और लेसा मध्य के अधिकारी रवि अग्रवाल के सीयूजी नंबर पर कई बार फोन किया गया। आरोप है कि इनमें से किसी भी अधिकारी ने कॉल रिसीव नहीं की।
लगभग आधे घंटे के लिए दोबारा विद्युत कटौती हुई जिसकी खबर को पूरा करने के लिए पत्रकार ने दोबारा वेदर स्टील पावर हाउस के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया। इस बार संविदा कर्मी अशोक ने विद्युत आपूर्ति से संबंधित पूरी जानकारी दी। साथ ही, करीब एक घंटे पहले हुई बातचीत को लेकर उन्होंने पत्रकार से माफी भी मांगी। उक्त बातचीत का साक्ष्य पत्रकार के पास सुरक्षित बताया गया है। खबर लिखे जाने तक विद्युत सप्लाई बहाल हो गई है।
सवाल यह है कि जब त्योहार के मौके पर विद्युत आपूर्ति बाधित हो और जनता या पत्रकार को जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी लेने की आवश्यकता हो, तो सरकारी सीयूजी नंबरों पर अधिकारियों से संपर्क क्यों नहीं हो पाता?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के उच्चाधिकारी पूरे मामले का संज्ञान लेकर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिकारियों-कर्मचारियों के रवैये की समीक्षा करेंगे, या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
जनाब ये पब्लिक है पब्लिक, ये सब जानती है।
