Uncategorized

नरही के बेसमेंट हॉस्टल और छत पर टावर का मामला ठंडे बस्ते में, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं

 

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल —अलीगंज अग्निकांड के बाद भी क्यों नहीं हो रही जांच

जीत नारायण

लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र स्थित नरही में कथित रूप से मानकों के विपरीत संचालित बेसमेंट हॉस्टल और भवन की छत पर लगे मोबाइल टावर के मामले में अब तक कोई प्रशासनिक कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिकायतें और खबरें सामने आने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से न तो स्थलीय निरीक्षण किया गया और न ही किसी प्रकार की जांच की जानकारी सार्वजनिक की गई।

स्थानीय नागरिकों का दावा है कि जिस भवन में लगभग 10 फुट गहरे बेसमेंट में हॉस्टल संचालित होने की बात सामने आई थी, वहां आज भी गतिविधियां पहले की तरह जारी हैं। उनका आरोप है कि भवन में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच अब तक नहीं हुई है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए और जिला प्रशासन ने अवैध निर्माणों तथा बेसमेंट में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती की बात कही थी, लेकिन नरही का मामला कार्रवाई के बजाय फाइलों तक ही सीमित नजर आ रहा है। लोगों का सवाल है कि यदि अन्य क्षेत्रों में अभियान चलाया जा सकता है तो नरही के इस मामले में जांच क्यों नहीं हो रही।

स्थानीय लोगों ने भवन की छत पर लगे मोबाइल टावर की वैधता और संबंधित विभागों से प्राप्त अनुमतियों की भी जांच कराने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि यदि सभी आवश्यक स्वीकृतियां मौजूद हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए और यदि कोई अनियमितता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

नागरिकों ने यह भी मांग की है कि संबंधित भवन का स्वीकृत मानचित्र, भवन उपयोग की अनुमति, फायर एनओसी और अन्य आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही पूरे नरही क्षेत्र में संचालित हॉस्टलों और व्यावसायिक भवनों का संयुक्त सर्वे कर सुरक्षा मानकों की जांच की जाए, ताकि भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक लखनऊ विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस प्रकरण में किसी कार्रवाई या आधिकारिक बयान की जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना कठिन होगा। उन्होंने संबंधित विभागों से शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *