नूंह बाजार से 10 बच्चे बाल मजदूरी करते हुए रेस्क्यू किए गए।

नूंह बाजार से 10 बच्चे बाल मजदूरी करते हुए रेस्क्यू किए गए।

सन्तोष कुमार यादव

गुरुग्राम:- नूंह बाल मजदूरी जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए तथा बच्चों पर हो रहे अत्याचार से उन्हें मुक्त कराने के लिए इन दिनों हरियाणा पुलिस व बाल कल्याण विभाग द्वारा मिलकर ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है। जिसके तहत वीरवार को नूंह जिला मुख्यालय के बाजार से ऐसे ही दस बच्चों को रेस्क्यू किया गया। हरियाणा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तथा सामाजिक संस्था शक्ति वाहिनी ने मिलकर इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। जिसमें कुछ बच्चों को वेल्डिंग दुकान से तो कुछ को गाड़ी मकैनिक की दुकान से तथा कुछ को भीख मांगते हुए व कूड़ा बीनते हुए रेस्क्यू किया गया। जिन्हें जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्राप्त बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।

बाल कल्याण समिति ने सभी बच्चों व उनके माता पिता की काउंसलिंग कर उन्हें बाल अधिकार के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही निर्देश दिया गया कि यदि भविष्य में उनके बच्चे बाल मजदूरी जैसे कार्यों में लिप्त पाए जाते हैं तो जो काम करवा रहा है उसके खिलाफ तथा माता पिता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। मां- बाप को चाहिए कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। बाल मजदूरी न केवल कानूनन अपराध है बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ज्यादा नुकसानदायक है।

वेल्डिंग की दुकान पर काम करते हुए जहां कोई दुर्घटना घटित हो सकती है वहीं उनकी आंखों की रोशनी भी प्रभावित होती हैं। इसलिए मां बाप अपने बच्चों को बाल मजदूरी के दल दल में न धकेलें बल्कि उन्हें पढ़ा लिखाकर एक अच्छे नागरिक बनाएं और मां बाप होने का अपना फर्ज निभाएं। इस दौरान दो बच्चे गुमशुदा हालत में भी पाए गए जिन्हें फिलहाल सुरक्षा एवं संरक्षण की दृष्टि से दीपालय बाल गृह घुसबैठी भेजने का बाल कल्याण समिति द्वारा निर्णय लिया गया। बाल कल्याण समिति नूंह के चेयरमैन राजेश कुमार, सदस्य विनोद कुमार, संजय कुमार, ममता सिंह व दिनेश कुमार ने बताया कि यह अभियान नियमित रूप से चलता रहेगा।

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