आयतुल्लाह ग़ुफ़रानमाआब ने पढ़ाई थी पहली बजमात जुमे की नमाज़-मौलाना जवाद

लखनऊ:- मोहर्रम की पहली मजलिस को ख़िताब करते हुए। इमामे जुमा मौलाना सैय्यद कल्बे जवाद नक़वी ने अपने बयान में कहा कि। हिंदुस्तान में शिया पहली बजमात नमाज़ ज़ोहर की हुई थी। जो आयतुल्लाह ग़ुफ़रानमाआब ने पढ़ाई थी।और पहला बजमात जुमे की नमाज़ भी हिंदुस्तान में हुई थी। इससे पहले ना तो ईरान में यह नमाज़ होती थी और ना ही इराक में। लेकिन हिंदुस्तान में सिर्फ आयतुल्लाह ग़ुफ़रानमाआब ने पढ़ाई थी।मशरुल हराम जहां हज को बैतुल्लाह का शराफ हासिल होता है।और मजलिसे हुसैन भी मशरुल हराम है, यहां आओगे तो अहलेबैत का शरफ हासिल होगा।मजलिसे हुसैन में जहां जगह मिले वहां बैठ जाओ।
इमामे हुसैन (अ.स) ने फरमाया जिसने जनाबे मुस्लिम (अ.स)के हाथ पर बैयत की, उसने मेरे हाथ पर बैयत की। मजलिस में मौलाना ने सफीरे हुसैन जनाबे मुस्लिम(अ.स) के मसायाब बयान कर मजलिस को खत्म किया।

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