आंखें दिखा रही है घाघरा खतरे का निशान छुने को बेताब

रोहित जयसवाल ब्यूरो चीफ क्राइम
नवाबगंज (गोण्डा):- गुरुवार की सुबह से ही घाघरा नदी का जलस्तर धीरे धीरे से बढ़ना शुरू हो गया है. जिसके चलते माझा क्षेत्र के लोगो की धडकने भी बढ़ती नजर आ रही हैं डिस्चार्ज हुए जल के चलते व्योन्दा माझा, दत्तनगर, साखीपुर, तुलसीपुर, जैतपुर, माझाराठ गाव सहित करीब एक दर्जन गांव के लोगो की एक बार फिर चिंताये बढ़ गयीं हैं। केन्द्रीय जल आयोग अयोध्या की माने तो जलस्तर 92.520 है जो कि खतरे के निशान को छुने को बेताब नजर आ रही है माझावासीयो की धड़कनें तेज हो गई है।
मिली जानकारी अनुसार क्षेत्र के के करीब एक दर्जन गांवों के रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही है इसका कारण घाघरा नदी के जलस्तर में सुबह से हो रही बृद्धि है बाढ़ क्षेत्र के दत्तनगर ब्यौदा माझा गोकुला तुलसीपुर माझा जैतपुर माझा दुर्गा गंज माझाराठ सहित करीब एक दर्जन गांवों के लोगों की दुश्वारियां और धड़कनें बढ़ती नजर आ रहे हैं।बीते दिनों से घटे जलस्तर से लोग चैन की सांस ले रहे थे लेकिन एक बार नदी उफान पर आ गयीं है। बीते सोमवार को अपर जिलाधिकारी ने टीम के साथ ढेमवा पुल का निरीक्षण भी किया था और मार्ग बंद कराये जाने के निर्देश भी दिए थे। फिर भी लोग अपने निजी वाहनों से पानी के बीच होकर गुजरते नजर आये। बढ़ते जलस्तर से ढेमवा पुल के निकट मिट्टी कटने का और आशंका बन गयीं है केन्द्रीय जल आयोग अयोध्या के कुश्ल कार्यसहायक विजय कुमार ने बताया कि सुबह जलस्तर 92.510था पर दोपहर तक 92.520 हो गया है शाम तक स्थिर रहा पर सुबह तक जल्स्तर बढ़ेगा खतरे के निशान 92.730 है खतरे के निशान छुने पर माझा वासियों की समस्या भी बढ़ सकती हैं इससे लोगों की धड़कनें बढ़ गई है। दत्तनगर गांव प्रधान प्रतिनिधि राजाराम यादव ने बताया की मार्ग पूरी तरह बंद कर देने से दवा, व्यापार की समस्याए बढ़ जाएगी. सरकारी नाव को लगाने के बजाय इस प्रकार मार्ग अवरुद्ध करना हमारी समस्याओं को नजरन्दाज किया जा रहा है वहीं ब्यौदा माझा प्रधान केशवराम यादव ने बताया कि अगर और पानी छुटा तो माझावासीयो की मुश्किलें बढ़ जाएगी सरकार को अभी से बेहतर व्यवस्था करना चाहिए। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से मांझा के लोग जहां बेचैन है वहीं शासन प्रशासन के तरफ से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
