विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नारी बन्दी निकेतन परिसर का किया गया निरीक्षण। 

 

आशीष तिवारी।

लखनऊ:- जनपद न्यायाधीश संजय शंकर पाण्डेय के निर्देशानुसार निहारिका जायसवाल, पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जिला कारागार, आर्दश कारागार तथा नारी बन्दी निकेतन लखनऊ के पूरे परिसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय कारागार में स्थित जेल लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण तथा जेल पैरा लीगल वालिण्टियर्स (नामित सिद्धदोश बन्दीगण) से संवाद किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य वास्तव में जानना था कि विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र बन्दियों को न्याय सुलभ कराने हेतु सार्थक कार्यवाही हो रही है तथा कारागार के प्रशासन की गुणवत्ता में सुधार की क्या स्थिति है। कारागार में स्थित महिला बैरिकों का भी निरीक्षण किया। उनके रहने का स्थान देखा, शौचालय और स्नानागार का निरीक्षण भी किया। पुरूष बन्दियों के बैरकों, पाकशाला का निरीक्षण किया। पाकशाला की सफाई व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता देखी। सफाई व हाइजीन तथा पेयजल की व्यवस्था की जांच की गयी। साप्ताहिक मीनू पाकशाला में अंकित है कि नहीं। बन्दियों से ज्ञात किया कि उनके मुकदमों की क्या स्थिति है तथा उन्हें किस प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता है। महिला बन्दियों के साथ निरूद्ध बन्दियों के बच्चों के पास जाड़े के वस्त्र, खेलकूद, मनोरंजन तथा शिक्षा व्यवस्था आदि का जायजा लिया, जो बन्दी श्रम पर लगाये गये है उनका भुगतान आदि किये जाने की क्या व्यवस्था है उपरोक्त निरीक्षण जिला कारागार, आदर्श कारागार तथा नारी बन्दी निकेतन, लखनऊ के अधीक्षक एवं कारागार प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक किया। इस अवसर पर निहारिका जायसवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ, उपेन्द्र प्रताप सिंह एवं अजीत सिंह पैनल अधिवक्ता द्वारा जिला कारागार, लखनऊ परिसर में बन्दियों को उनके अधिकारों के संबंध में एवं उन्हें विधिक सहायता तथा उन्हें निशुल्क परामर्श उपलब्ध कराने के ध्येय से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। विधिक साक्षरता शिविर में आशीष तिवारी, वरिष्ठ अधीक्षक, जिला कारागार, लखनऊ भी उपस्थित रहे।

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