सेंट जेवियर्स स्कूल व जीएम एकेडमी सिनियर सेकेंडरी स्कूल में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती।

गंगेश पाण्डेय संवाददाता (सलेमपुर देवरिया)
देवरिया:- सलेमपुर नगर के सेंट जेवियर्स स्कूल एवं जीएम एकेडमी सिनियर सेकेंडरी स्कूल सलेमपुर में राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जी की जयंती) पर एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। सलेमपुर स्धित लब्धप्रतिष्ठित संस्था सेंट जेवियर्स स्कूल के सभागार में छात्रों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की 160 वीं जयंती पर एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया।12वीं के छात्र आदर्श तिवारी और उसके अन्य सहपाठियों द्वारा नवभारत के अग्रदूत, भारतीय संस्कृति के अधुनातन प्रसारक युवा चेतना के प्रखर पथ-प्रदर्शक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर एक विचार-गोष्ठी आयोजित की गई, जिसका शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य वी के शुक्ल के कर-कमलों माता सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात हिंदी प्रवक्ता गोपाल त्रिपाठी, ब्रजेश उपाध्याय व आशुतोष तिवारी के द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। उक्त विचार गोष्ठी में उपस्थित ब्रजेश उपाध्याय ने अपने वक्तव्य में स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलकर भारतीय संस्कृति के अनुरूप जीवन सिद्धि प्राप्त करने की बात कही। हिंदी के प्रवक्ता गोपाल त्रिपाठी ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन की अन्यान्य घटनाओं के आलोक में पारस्परिक भाईचारा एवं भाई बहन के आदर्श सम्बंध स्थापित करने, एवं उनके जीवन दर्शन को आत्मसात करते हुए सामाजिक वातावरण को संस्कारित बनाने की प्ररेणा दी। विचार गोष्ठी की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुए छात्र प्रमुख आदर्श तिवारी ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन वृत्त का वर्णन किया। अंत में राष्ट्रगीत वन्देमातरम सामूहिक गान से सभा का समापन हुआ। वहीं नगर के जी.एम.एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बड़े धूम धाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुवात विद्यालय प्रशासन से लेकर समस्त कर्मचारियों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक डॉ. प्रकाश मिश्र द्वारा विवेकानंद जी की जीवनी पर बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रकाश डाला गया। उन्होंने स्वामी जी के नरेंद्र देव से लेकर विवेकानंद तक के जीवनी को बताते हुवे रामकृष्ण परमहंस के सेवा भाव की बड़ी ही मर्मस्पर्शी व्याख्या की। प्रधानाचार्या डॉ. संभावना मिश्रा ने स्वामी को आदर्शपुरुष बताते हुवे कहा की यदि आज भी उन महापुरुष के पथ पर हम चलें तो हमारा जीवन तो धन्य होगा ही साथ में हम पुनः विश्वगुरु बन जायेंगे। उपप्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने राष्टीय युवा दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुवे कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी एक अवतारी पुरुष थे। दूसरी शब्दों में कहें तो वह ईश्वर का ही एक अवतार थे जो संपूर्ण विश्व का पथ प्रदर्शित कर गए। उनके हर आचरण ग्राह्य हैं,ब्रह्मचर्य से लेकर अध्यात्म तक पर उनका पूरा वश था। वह अति संयमी,आध्यात्मिक,सनातन हिंदू संस्कृति के महान रक्षक,भारतीय अध्यात्म परंपरा को वैश्विक क्षितिज पर पुनर्स्थापित करने वाले वह युग पुरुष थे जिन पर पूरे राष्ट्र को गर्व है।इस मौके पर विद्यालय के नौवी से बारहवीं तक के सभी छात्र छात्राएं, शिक्षण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे।
