सस्ता सामान दिखा फेरी वाले ने महिला से मारपीट कर 13 हजार लूटे।
सस्ता सामान दिखा फेरी वाले ने महिला से मारपीट कर 13 हजार लूटे।

सन्तोष कुमार यादव
गुड़गांव:- नूंह सिटी थाने में पुलिसकर्मियों का तानाशाह रवैया आए दिन देखने को मिल रहा है। बावजूद इसके पुलिस कप्तान का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। यहां एसपीओ तक खुद थानेदार बन पीड़ितों पर ही रौब झाड़ रहे हैं तो अन्य पुलिसकर्मी भी पीड़ितों को ही परेशान कर रहे हैं। ऐसे में सिटी थाने में पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। जिसके चलते शहरवासियों में सिटी थाना पुलिस स्टॉफ के खिलाफ रोष बना हुआ है।
नया मामला शहर के वार्ड 11 में रहने वाले नरेंद्र शर्मा का सामने आया है। जिनकी पत्नी सोनिया घर पर अकेली थी इस बीच बिना नंबर की दो बाइक पर आए तीन फेरी वाले बिजली का सामान और रेडीमेड कपड़े दिखाने के बहाने घर में जबरन घुस गए और सस्ते दामों में देने की बोलने लगे। महिला ने सामान खरीदने से मना किया तो उक्त आरोपियों को महिला की पॉकेट में रुपए होने की भनक लग गई और महिला के साथ मारपीट करते हुए 13 हजार रुपए लूट कर फरार हो गए। उक्त मामले को लेकर जब पीड़ित सिटी थाने में पहुंचे तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बल्कि जांच अधिकारी एएसआई जमशेद ने उल्टा पीड़ितों से ही आरोपियों के बारे में पता लगाने को कहा।
साथ ही जब शिकायत की रिसिविंग मांगी तो वह भी नहीं दी। वहीं अगले दिन वीरवार को पीड़ित द्वारा आरोपियों की जांच पड़ताल में नूंह धर्मशाला में गया तो पता चला कि यहां रुके हुए फेरी वाले तीन लोग सुबह निकल गए जबकि एक अन्य मिला तो उसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस उक्त व्यक्ति को थाने लेकर पहुंची तो यहां तैनात एक एसपीओ श्याम पीड़ित से ही उक्त व्यक्ति की आईडी व अन्य जानकारी लेकर आने की बोल परेशान करने लगा।
भाजपा जिला अध्यक्ष के थाना पहुंचते ही हुआ हंगामा:
जब इस बारे में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल को पता चला तो सिटी थाने में पहुंचे, लेकिन इस दौरान सिटी थाना एसएचओ ओमबीर जिलाध्यक्ष की बिना बात सुने ही गाड़ी में बैठ किसी काम से निकलने लगे तो जिलाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए गाड़ी का शीशा खटखटाते हुए रुकने को बोला। जिसके बाद एसएचओ गाड़ी से बाहर आए। इस बीच थाने में जांच अधिकारी और एसपीओ के व्यवहार को लेकर काफी हंगामा हुआ। इसके बाद किसी तरह मामले को शांत कराते हुए एसएचओ ने एसपीओ श्याम को धमकाया और पीड़ित के मामले को गंभीरता से लेने की बात कही। वहीं फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। पीड़ित ने वारदात को अंजाम देने वाले सीसीटीवी में कैद आरोपियों को जांच अधिकारी को दिखाया, लेकिन पुलिस ने पीड़ित से कोई सबूत नहीं लिये।
सिटी थानेदार को बदलने की मांग:
वहीं नूंह सिटी थाने के एसएचओ ओमबीर को हटाने की शहरवासियों ने मांग की है। समस्त नगरवासी, समाजसेवी, सोशल संगठन के लोगों का कहना है कि आए दिन शहर चोरी, मोबाइल स्नैचिंग, लूटपाट की वारदातें हो रही है। पीड़ित जब थाने में जाते है तो कोई सुनवाई नहीं होती। आमजन के साथ सिटी थाना एसएचओ का व्यवहार नकारात्मक है। इन्हीं के चलते स्टाफ अपनी मनमानी करते है। शहरवासियों का कहना है कि यहां ईमानदार व दबंग थानेदार की जरूरत है जो पीड़ितों को इंसाफ व आरोपियों पर लगाम लगा सके। लोगों ने पुलिस कप्तान और गृहमंत्री अनिल विज से मामले पर जल्द संज्ञान लेने की मांग की है।
