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हॉस्पिटल की आड़ में बच्चा चोरी और ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार

हॉस्पिटल की आड़ में बच्चा चोरी और ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार

 

जीत नारायण (ब्यूरो चीफ लखनऊ)

 

लखनऊ। राजधानी के चौक थाना क्षेत्र में डेढ़ वर्षीय बच्ची के अपहरण के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कथित ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में एक अस्पताल संचालक की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है

पुलिस के अनुसार, बाराबंकी निवासी छब्बू अपनी पत्नी और डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ लखनऊ में रहकर मजदूरी करता है। 13 जुलाई की रात करीब 2:30 बजे दंपति चौक थाना क्षेत्र स्थित एक मेडिकल स्टोर के बरामदे में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाश उनकी डेढ़ वर्षीय बच्ची का अपहरण कर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही चौक थाना पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया।

पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते आरोपी बच्ची को आलमबाग थाना क्षेत्र स्थित मछली मंडी के पास छोड़कर फरार हो गए, जहां से पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस उपायुक्त पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने प्रेसवार्ता में बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हरदोई निवासी शेर सिंह को पालन-पोषण के लिए एक बच्चे की जरूरत थी। उसने अपने परिचित डॉ. श्याम यादव से संपर्क किया, जो लखनऊ में साईं हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल संचालित करता है। आरोप है कि डॉ. श्याम यादव ने अपने परिचित रोहित, ऋषभ, सुल्तान और इरशाद शाह को बच्चा लाने की जिम्मेदारी सौंपी, जिसके बाद बच्ची के अपहरण की साजिश रची गई।

पुलिस ने बाजार खाला थाना क्षेत्र के मवैया मंडी से पांच आरोपी रोहित, ऋषभ, इरशाद शाह, सुल्तान शाह और काकोरी निवासी श्याम जी यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं और इसके तार अन्य जिलों से जुड़े हैं या नहीं।

डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने खुलासा करने वाली चौक पुलिस टीम और क्राइम ब्रांच टीम को 15000 रुपए से पुरस्कृत किया है।

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