24 जनवरी से आशियाना में लगेगा लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव। ऊट की सवारी का भी ले सकते है मजा।

आशुतोष द्विवेदी।

 

लखनऊ:- मां गायत्री जन सेवा संस्थान द्वारा 24 जनवरी 2023 से 7 फरवरी 2023 तक लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव 2023 का आयोजन कांशी राम स्मृति उपवन आशियाना लखनऊ में होगा इस बात की जानकारी आज मान्यवर कांशीराम स्मृति उपवन सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पर आशियाना लखनऊ में मां गायत्री जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने दी प्रेस वार्ता में मां गायत्री जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव 2023 में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अनेक विभूतियों को लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव रतन सम्मान से सम्मानित किया जाएगा जिसमें महिलाएं पुरुष और बच्चे शामिल होंगे उन्होंने बताया कि लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव 2023 की सांस्कृतिक संध्या में रोजाना भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोक नृत्य और लोक गायन के कार्यक्रम जैसे उत्तर प्रदेश का ख्याल नृत्य,रास नृत्य , झूला नृत्य मयूर नृत्य,धोबिया नृत्य चरकुला नृत्य ,कटफोड़वा नृत्य,जोगिनी नृत्य , आल्हा-ऊदल गायन ,राजस्थान का घूमर नृत्य,कालबेलिया नृत्य,तेरहताली नृत्य ,पंजाब का गिद्दा भांगड़ा,हरियाणा का झूमर नृत्य,बिहार का जाट जाति नृत्य,झारखंड का फगुआ नृत्य, करमा नृत्य,महाराष्ट्र का लावणी नृत्य, दशावतार और डिंडी नृत्य, गुजरात का गरबा नृत्य के साथ अन्य राज्यो के लोक नृत्य लोक गायन के कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा कवि सम्मेलन,मुशायरा,जादू, कठपुतली, बिरहा और आल्हा के कार्यक्रम होंगे उन्होंने बताया कि लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव के फूड जोन में कश्मीरी, राजस्थानी, पंजाबी ,साउथ इंडियन, गुजराती, चाइनीस, अवधि मुगलई के अलावा देसी बाटी चोखे का स्टाल आकर्षण के केंद्र होंगे।

इसके अलावा फन जोन में बच्चों के लिए तमाम तरह के आकर्षक झूले खिलौने होंगे लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव में भारत के हस्तशिल्पयो को बढ़ावा देने के लिए 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट खादी ग्राम उद्योग ऑटोमोबाइल ,इलेक्ट्रॉनिक के सामान,सहारनपुर का फर्नीचर भदोही का कालीन,कश्मीर और लद्दाख में बने हुए गरम कपड़े,शाल, गुजरात की साड़ियां व लहंगे ,कानपुर का चमड़े का सामान ,घरेलू सामानों और लघु इकाइयों द्वारा निर्मित आचार पापड़ ,क्राकरी, मेवे, व अन्य सामानों के इंस्टॉल होंगे। उन्होंने बताया कि लखनऊ हस्तशिल्प महोत्सव में बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षक झूलों के साथ ऊंट की सवारी की भी व्यवस्था की गई है लोगों की सुरक्षा के लिए पूरे महोत्सव परिसर और परिसर के बाहर 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं महोत्सव के सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा गार्डो द्वारा सघन जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी इसके अलावा महोत्सव स्थल पर अस्थाई पुलिस चौकी भी प्रशासन के सहयोग से होगी प्रेस वार्ता में अरुण प्रताप सिंह विनय दुबे रणवीर सिंह गुंजन वर्मा शुभांकर भट्टाचार्य ,सिमुल बासु राय, हेमू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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