श्रीमद् भागवत कथा,माता कभी नहीं हो सकती कुमाता

सुरेंद्र कुमार द्विवेदी
झांसी- मऊरानीपुर तहसील के ग्राम नयागांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के वक्ता श्रीराम तिवारी ने श्रीकृष्ण, बलराम की बाल लीलाओं एवं राक्षसी पूतना वध की कथा का मार्मिक वर्णन सुनाते हुए कहा कि माता कभी कुमाता नही होती तथा कुमाता कभी माता नही बन सकती। द्वापर युग में कंश ने भगवान श्रीकृष्ण को मारने लिए तरह तरह के जतन किए जब वह सफल नही हुआ तो राक्षसी पूतना को भेजा लेकिन वह भी मारी गई ।जिससे कहा गया कि माता कभी कुमाता नही होती तथा कुमाता कभी भी माता नही बन सकती। पुराण की आरती कथा यजमान देवकुअर लखनलाल कुशवाहा ने उतारी। इस दौरान सुरेन्द्र राजपूत, मुन्नालाल कुशवाहा, लक्ष्मन कुशवाहा, काशीप्रसाद कुशवाहा, वेदपाठी ईश्वरदयाल तिवारी, मिथलेश द्विवेदी, जिनेंद्र सैन, अंकेश, उमेश कुशवाहा, दयाशंकर राजपूत, गयासीलाल कुशवाहा, मानू, श्यामलाल मास्टर, सतीश कुशवाहा, कमलेश कुशवाहा, मुकेश राजपूत, चंद्रभान कुशवाहा, शंकरलाल राजपूत, आंनद राजपूत, अमित राजपूत, खूबचंद राजपूत, नरेंद्र राजपूत, बिहारी साहू, हिरदेश साहू, विहारी कुशवाहा, सुबोध राजपूत, जयराम कुशवाहा, चंद्रभान कुशवाहा, महीपत, कमलेश कुशवाहा, भागचंद, देवेंद्र कुमार, दिनेश, दिलीप, शीतल कुशवाहा मौजूद रहे।
