सड़कों से समृद्धि की राह पर अग्रसर उत्तर प्रदेश

सड़कों से समृद्धि की राह पर अग्रसर उत्तर प्रदेश
मजबूत सड़क नेटवर्क से गांव, किसान, उद्योग और पर्यटन को मिल रही नई रफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास में मजबूत सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़कें गांवों को बाजारों से, किसानों को मंडियों से, उद्योगों को बाजारों से और धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं से जोड़ने का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और अनुरक्षण पर व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 29,949 किलोमीटर मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है।
धर्मार्थ मार्गों के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2022-23 से अब तक 424 कार्यों के लिए करीब 1,728 किलोमीटर मार्ग और 8,185.45 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। इनमें 161 कार्य पूरे हो चुके हैं।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्कों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने के लिए वर्ष 2023-24 से अब तक 75 कार्यों के लिए 343.689 किलोमीटर मार्ग और 2,809.81 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 19 कार्य पूरे हो चुके हैं।
सड़क निर्माण के साथ गड्ढामुक्त सड़क, नियमित अनुरक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी जोर दिया जा रहा है। ई-टेंडरिंग, ई-एमबी, ई-बिलिंग और अन्य ऑनलाइन व्यवस्थाओं के माध्यम से पारदर्शिता एवं निगरानी बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादों की आवाजाही, विद्यार्थियों और मरीजों की पहुंच, औद्योगिक गतिविधियों तथा पर्यटन को सुविधा मिलती है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों तक बेहतर संपर्क स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकता है।
सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क की मजबूत आधारशिला हैं।
उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना का विस्तार प्रदेश को विकास की नई राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
लेखक
आदर आबिद पावेल बंधु
जिला सूचना अधिकारी लखनऊ।
