फर्जी बर्थडे बुकिंग कर वीडियोग्राफर से लाखों की लूट, 24 घंटे में खुलासा

फर्जी बर्थडे बुकिंग कर वीडियोग्राफर से लाखों की लूट, 24 घंटे में खुलासा
जीत नारायण (ब्यूरो लखनऊ)
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की उत्तरी जोन पुलिस ने वीडियोग्राफर एवं उसके साथियों से हुई लाखों रुपये के फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी उपकरणों की लूट का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए कैमरे, लेन्स, गेम्बल, मोबाइल फोन, लाइट सेटअप, एक अवैध तमंचा तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
डीसीपी उत्तरी के निर्देशन में स्वाट/सर्विलांस टीम और थाना इटौंजा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता हासिल हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना का मुख्य सूत्रधार कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़ित वीडियोग्राफर का सहयोगी रोहन कुमार शर्मा था, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार 2 जून 2026 को पेशे से वीडियोग्राफर अशोक यादव को व्हाट्सएप कॉल के जरिए जन्मदिन समारोह की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की बुकिंग मिली थी। निर्धारित स्थान पर पहुंचने के दौरान ग्राम हीरापुरवा तिराहे के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार बदमाशों ने उनकी कार रोक ली और तमंचे के बल पर छह कैमरे, सात लेन्स, मोबाइल फोन, दो गेम्बल समेत अन्य महंगे उपकरण लूटकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना इटौंजा में मुकदमा दर्ज कर स्वाट/सर्विलांस टीम एवं स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डाटा विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 3 जून को राम अनुज, विपिन मिश्रा उर्फ दुर्लभ मिश्रा और रोहन कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि रोहन कुमार शर्मा ने ही अपने साथियों को वादी की गतिविधियों, उपकरणों और यात्रा की जानकारी उपलब्ध कराई थी। इसके बाद फर्जी बुकिंग के जरिए सुनसान स्थान पर बुलाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरे, पांच लेन्स, दो गेम्बल, एक लाइट सेटअप बॉक्स, एक ओक्टा स्टैंड, चार मोबाइल फोन, एक देशी तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले के सफल खुलासे पर पुलिस उपायुक्त उत्तरी ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
