औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर मण्डलायुक्त सख्त, डीपीआर से लेकर सीवर-एसटीपी तक समयसीमा तय

अमौसी, सरोजनीनगर और बंथरा में जलभराव के समाधान के लिए 10 अक्टूबर तक डीपीआर शासन को भेजने के निर्देश
जीत नारायण (ब्यूरो लखनऊ)
लखनऊ, 18 सितंबर। औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, सीवर-एसटीपी, सड़क निर्माण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और यूपीसीडा से संबंधित समस्याओं को लेकर मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति की बैठक हुई। निर्यात भवन सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न औद्योगिक संगठनों और उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर विभागवार चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से समाधान के निर्देश दिए गए।
अमौसी-बंथरा में जलभराव से मिलेगी राहत
औद्योगिक आस्थान अमौसी, सरोजनीनगर एवं बंथरा में जलभराव की समस्या बैठक में प्रमुखता से उठी। सीएंडडीएस संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि इन औद्योगिक क्षेत्रों में जल निकासी के कार्य के लिए आकलन प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा गया था। शासन स्तर से डीपीआर तैयार किए जाने को मंजूरी मिल चुकी है।
मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर 2026 तक डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाए, ताकि जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।
मार्च 2027 तक सीवर और एसटीपी कार्य पूरा करने का लक्ष्य
अमौसी और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा कराए जा रहे सीवर एवं एसटीपी कार्य की भी समीक्षा की गई। जल निगम की ओर से बताया गया कि संबंधित कार्य मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
समिति ने जल निगम को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में सीवर व्यवस्था बेहतर होने से उद्यमियों और कर्मचारियों को जल निकासी एवं स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
925 मीटर सड़क के चौड़ीकरण में यूटिलिटी बनी अड़चन
बैठक में 925 मीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की भी समीक्षा हुई। औद्योगिक प्रतिनिधियों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान विभिन्न यूटिलिटीज की शिफ्टिंग की समस्या सामने आ रही है।
इस पर समिति ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से यूटिलिटी शिफ्टिंग की समस्या का जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए, जिससे सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न हो।
यूपीसीडा के मेंटीनेंस चार्ज का मामला भी उठा
जनपद रायबरेली के उद्यमियों ने यूपीसीडा द्वारा नगर निगम की तुलना में अधिक मेंटीनेंस चार्ज लिए जाने का मुद्दा समिति के समक्ष रखा। उद्यमियों की मांग पर समिति ने समस्या के समाधान के लिए मण्डलायुक्त के हस्ताक्षर से यूपीसीडा के कार्यकारी अधिकारी को पत्र भेजने का निर्णय लिया।
रायबरेली के औद्योगिक क्षेत्रों के अभिलेख हस्तांतरण का मामला
रायबरेली के औद्योगिक आस्थानों को जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, रायबरेली को हस्तगत किए जाने से संबंधित समस्या भी बैठक में सामने आई।
औद्योगिक प्रतिनिधियों ने बताया कि अभी तक जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र को संबंधित ले-आउट और अन्य आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस पर समिति ने यूपीसीडा द्वारा सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए उसके कार्यकारी अधिकारी को मण्डलायुक्त की ओर से पत्र भेजने का निर्णय लिया।
ऋण योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना शामिल रहीं।
समीक्षा के दौरान रायबरेली की प्रगति निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर समिति ने प्रगति में सुधार के लिए संबंधित जिलाधिकारी को पत्र भेजने के निर्देश दिए। वहीं अन्य अधीनस्थ जनपदों को संबंधित योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ये अधिकारी और औद्योगिक प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनिल कुमार, अपर आयुक्त नगर निगम अरुण कुमार गुप्ता, प्रति० पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, अग्निशमन अधिकारी पुष्पेन्द्र कुमार यादव, यूपीसीडा प्रबन्धक रामेन्द्र कुशवाहा, उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिशासी अभियंता महेश गौतम, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सीएंडडीएस के अभियंता मंजीत कुमार वर्मा, उपायुक्त उद्योग रायबरेली परमहंस मौर्य, अग्रणी जिला प्रबन्धक बैंक ऑफ इंडिया लखनऊ राजवीर सिंह तोमर, उन्नाव के राजकुमार गौतम, लखीमपुर खीरी के अशोक कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अमौसी औद्योगिक संगठन के सचिव रजत मेहरा, यूपीआईए के अध्यक्ष रोहिताश्व सिंह समेत विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं उद्यमी भी उपस्थित रहे।
