थानाभवन में ‘फर्जी साइन’ का खेल?

हंस पैथोलॉजी लैब पर गंभीर आरोप, टेक्निशियन के हस्ताक्षर से जारी हो रहीं जांच रिपोर्टें

थानाभवन। कस्बे की चर्चित हंस पैथोलॉजी लैब एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत में लैब पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता कृष्णपाल ने आरोप लगाया है कि लैब से जारी होने वाली पैथोलॉजी जांच रिपोर्टों पर अधिकृत एवं पंजीकृत पैथोलॉजिस्ट के बजाय टेक्निशियन द्वारा हस्ताक्षर किए जा रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने अपनी जांच रिपोर्ट भी लगाई

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने स्वयं भी हंस पैथोलॉजी लैब से जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट पर टेक्निशियन के हस्ताक्षर पाए गए। आरोप है कि इसी प्रकार अन्य मरीजों की रिपोर्टें भी जारी की जा रही हैं। शिकायत के साथ कथित जांच रिपोर्टों की प्रतियां भी शासन स्तर तक भेजी गई हैं।

मरीजों की सेहत से खिलवाड़ का आरोप

कृष्णपाल ने शिकायत में कहा कि पैथोलॉजी रिपोर्ट मरीज के इलाज का महत्वपूर्ण आधार होती है। चिकित्सक इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर दवाएं और उपचार तय करते हैं। ऐसे में यदि रिपोर्ट किसी योग्य विशेषज्ञ चिकित्सक की पुष्टि के बिना जारी की जाती है तो यह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है।

नियमों की अनदेखी का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लैब में मेडिकल नियमों और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन की अनदेखी की जा रही है। नियमानुसार पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट जारी करने और उस पर अंतिम सत्यापन का अधिकार केवल योग्य एवं पंजीकृत पैथोलॉजिस्ट को ही होता है, जबकि टेक्निशियन की भूमिका केवल तकनीकी प्रक्रिया तक सीमित रहती है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने मुख्य चिकित्साधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों से लैब की मान्यता, पंजीकरण और रिपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण, आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निजी पैथोलॉजी लैब्स का नियमित निरीक्षण और रिकॉर्ड सत्यापन किया जाता तो इस प्रकार की कथित अनियमितताओं को समय रहते रोका जा सकता था।

कार्रवाई पर टिकी लोगों की निगाहें

जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

अजीत कुमार श्रीवास्तव

मंडल प्रभारी, सहारनपुर- मेरठ मंडल

📞 9456889665

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