सनबीम स्कूल देवरिया में धूमधाम से मनाया गया 74वां गणतंत्र दिवस।

संजय मिश्रा मण्डल ब्यूरो गोरखपुर।

 

देवरिया:- सनबीम स्कूल देवरिया में74वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया| कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ए के सिंह (कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल 49वीं उप्र बटालियन एनसीसी देवरिया)और विद्यालय के निदेशक अवनीश मिश्रा ने संयुक्त रूप से ध्वज फहराया | उनके साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ एम फ्रेडरिक एवं सभी शिक्षक/शिक्षिका उपस्थित थे| राष्ट्रगान और ध्वज को सलामी देने के बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई जिसके आरंभ में विद्यालय के बच्चों द्वारा “मेरा रंग दे बसंती चोला”गीत गाकर श्रोताओं को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया गया| कक्षा प्रथम और द्वितीय के बच्चों द्वारा “नन्हा मुन्ना राही हूं देश का सिपाही हूं”गीत गाकर सबको झूमने के लिए विवश कर दिया गया|तत्पश्चात विद्यालय के नृत्य शिक्षक अमित शर्मा द्वारा तैयार कराया गया नृत्य जो ‘भारत के रंग त्योहारों के संग’ की अवधारणा को चरितार्थ कर रहा था, प्रस्तुत किया गया जिसमें सभी कक्षाओं के लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने एक साथ प्रतिभाग किया| इस नृत्य द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले त्योहारों की अद्भुत झांकी प्रस्तुत की गई जो दर्शकों के मन को मोह लिया और वे झूमने के लिए विवश हो गए| अतिथियों ने इस नृत्य कार्यक्रम की भूरी- भूरी प्रशंसा की| 

कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा पूजा कुशवाहा ने गणतंत्र दिवस पर अपना दमदार भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीयों द्वारा अभी कई महान लक्ष्य प्राप्त करने हैं जिसके लिए हमें आपसी भेदभाव मिटाकर एक साथ काम करना होगा| तत्पश्चात विद्यालय के मीडिया प्रभारी व हिंदी शिक्षक संतोष पांडेय ने गणतंत्र दिवस पर अपना भाषण प्रस्तुत करते हुए डॉ राजेंद्र प्रसाद के उस उद्बोधन को याद दिलाते हुए कहा कि इस देश में न तो कोई राजा है न कोई प्रजा या तो सब राजा हैं या सब प्रजा और देश के समस्त नागरिकों का सुख-दुख सबका सुख-दुख है और उसमें हम सभी समान रूप से भागीदार हैं| जब तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में खुशियां नहीं आ जाती तब तक गणतंत्र दिवस मनाने का कोई मतलब नहीं है| सही मायने में गणतंत्र दिवस मनाने की अर्थ तभी सार्थक होगा जब देश के प्रत्येक जन के जीवन में खुशियां होंगी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ए के सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और उन्हें बिना तनाव लिए अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ना होगा तभी वे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे और एक योग्य नागरिक बनकर देश की सेवा कर सकेंगे| उन्होंने कहा कि खुशी हमारे अंदर है जिसे हम बाहरी वस्तुओं में ढूंढने का प्रयास करते हैं|वह हमें अच्छे कार्य और परिश्रम करने से प्राप्त होती है| उन्होंने बच्चों से अनेक प्रश्न पूछे और बच्चों ने भी उनसे कई प्रश्न पूछे जिनका उन्होंने बहुत सुंदर जवाब दिया जिसे सुनकर बच्चे संतुष्ट हुए|

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपना अमूल्य समय देने के लिए सभी अतिथियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने के लिए विद्यालय के समस्त शिक्षक/ शिक्षिकाओं व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के प्रति अपना धन्यवाद ज्ञापित किया|

 कार्यक्रम का संचालन कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा दिव्या तिवारी और अन्वीक्षा द्विवेदी ने किया| मिष्ठान वितरण के साथ ही कार्यक्रम संपन्न हुआ|

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