फिलीपीनी युवती ने मिलियन डॉलर का लालच देकर PGI के डॉक्टर ठगे 63 लाख, एक नाइजीरियन मुम्बई से गिरफ्तार।
फिलीपीनी युवती ने मिलियन डॉलर का लालच देकर PGI के डॉक्टर ठगे 63 लाख, एक नाइजीरियन मुम्बई से गिरफ्तार।

सन्तोष कुमार यादव
गुरुग्राम:- रोहतक जिले के साइबर थाना पुलिस ने 63 लाख साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता पाई है। गौरतलब है कि पिछले दिनों पीजीआई रोहतक के बीडीएस डॉक्टर को 2.8 मिलियन डॉलर का लालच साइबर ठग ने 63 लाख रुपये का चूना लगा था। मामले में साइबर पुलिस ने एक विदेशी ठग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले गिरफ्तार विदेशी आरोपी के गैंग के सदस्यों ने डॉक्टर को 2.8 मिलियन डॉलर के बैंक खाते का नॉमिनी बनाने का झासा दिया था। वारदात की जांच के दौरान गिरोह में शामिल रहे नाइजीरियन आरोपी को गिरफ्तार करने पुलिस ने सफलता प्राप्त की है। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर 10 दिन के रिमांड पर लिया गया था। सोमवार को आरोपी का रिमांड पूरा हो गया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
साइबर थाना के इस एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि 5 नवम्बर को पीजीआई के बीडीएस डॉक्टर जयभगवान ने ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरुकर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जयभगवान के पास इंस्टाग्राम पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आयी थी। जयभगवान ने उससे इंस्टाग्राम व ई-मेल पर बातचीत शुरु की। युवती ने अपना नाम मारिया इमान व फिलपीन्स निवासी के रूप में अपना परिचय दिया था।
मारिया इमान ने बताया कि वह यूनाइटेड किंगडम लंदन में एक बैंक में ऑडिटर के पद काम करती है। उसने अपना आईडी कार्ड भी भेजा था। युवती ने अपने आप को तलाकशुदा बताते हुए जयभगवान को अपनी बातों में फंसा लिया। उसने कहा कि बैंक में एक आदमी का अंकाउट है, जिसका नाम डेनिम बैनजक है। जो लिबिया का बिजनेसमैन था। उसने उस बैंक में 2.8 मिलियन डॉलर जमा करवाए थे। जिसकी उसके गनमैन ने गोली मारकर हत्या कर दी और उसके खाते में कोई नॉमिनी नहीं है। कुछ समय बाद कोई नॉमिनी न आने पर उसका सारा पैसा ट्रेजरी में जमा हो जायेगा। युवती ने कहा कि उसे काफी अनुभव है व उसे पूरी जानकारी भेज देगी। इसके बाद उसने जयभगवान को नॉमिनी बनाने के लिए फॉर्म भेजा। जयभगवान से मांगी गई जानकारी उसको भेज दी।
जिसके बाद जयभगवान को नॉमिनी घोषित करते हुए उसने कहा कि उसे एंटी ड्रग सर्टिफिकेट जमा कराना होगा। जिसके लिये उनका वकील जयभगवान से सम्पर्क करेगा। जिसकी फीस व एफिडेविड ऑफ क्लेम, पॉवर ऑफ अटॉर्नी के नाम जयभगवान से 8,21,950 रुपये ट्रांसफर करवा लिये। जयभगवान से लीबिया सरकार के मजिस्ट्रेट के साइन व अलग-अलग फंड के नाम से कुल 62,98,050- रुपये ट्रांसफर करवा लिये। जिसके बाद जयभगवान को बताया कि मारिया इमान का एक्सीडेंट हो गया।
मामले की जांच के दौरान 2 दिसंबर को एक आऱोपी ओकेचुकबु किंग्सले नाइजीरियन को मुंबई से गिरफ्तार किया है। नइजीरियन व्यक्ति से कुछ कैश भी बरामद हुआ है। उसे अदालत में पेश किया गया था और अदालत से 10 दिन का पुलिस रिमांड मांगा था। 10 दिन का रिमांड आज खत्म हुआ है। जिसके बाद उसे दोबारा से अदालत में पेश कर न्याय किरासत में जेल भेज दिया गया है। साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से पैसे का लेन देन ना करें। साइबर ठगों से सावधान रहें साइबर ठग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।
